किसान से ऑनलाइन ठगी: बंद बीमा पॉलिसी चालू कराने के नाम पर उड़ाए 3.90 लाख रुपये, तीन किस्तों में की धोखाधड़ी…NV News

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NV News- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरी थाना क्षेत्र से ऑनलाइन धोखाधड़ी (Cyber Fraud) का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ ग्राम हिर्री के रहने वाले एक सीधे-साधे किसान हेमंत साहू को साइबर ठगों ने अपनी जालसाजी का शिकार बनाया है। शातिर ठगों ने किसान की एक बंद पड़ी पुरानी बीमा पॉलिसी को दोबारा चालू (Reactivate) कराने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से 3.90 लाख रुपये पार कर दिए।

चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने इस पूरी वारदात को बेहद शातिराना अंदाज में अंजाम दिया और तीन अलग-अलग किस्तों में किसान के खून-पसीने की पूरी कमाई उड़ा ली। पीड़ित किसान की शिकायत पर बोरी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।

झांसा देकर जाल में फंसाया, तीन बार में निकाली रकम

पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, ठगों ने पीड़ित किसान हेमंत साहू से मोबाइल फोन के जरिए संपर्क किया था:

बंद पॉलिसी का दिया हवाला: शातिर आरोपियों ने खुद को इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी/कर्मचारी बताते हुए किसान से कहा कि उनकी एक पुरानी बीमा पॉलिसी लैप्स (बंद) हो चुकी है। यदि वे इसे अभी दोबारा चालू नहीं कराते हैं, तो उनकी पुरानी जमा राशि डूब जाएगी।

प्रक्रिया के नाम पर मांगी रकम: बंद पॉलिसी को फिर से एक्टिवेट करने और मैच्योरिटी की मोटी रकम दिलाने का लालच देकर ठगों ने किसान को अपने झांसे में ले लिया। इसके बाद अलग-अलग प्रक्रियाओं, टैक्स और फीस के नाम पर पैसे की मांग की गई।

तीन किस्तों में साफ किया खाता: ठगों के बहकावे में आकर किसान उनके बताए खातों में पैसे ट्रांसफर करता गया। आरोपियों ने कुल तीन किस्तों में 3 लाख 90 हजार रुपये अपने खातों में डलवा लिए। जब पूरा पैसा ट्रांसफर हो गया, तो आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर दिए।

साइबर सेल की मदद से ठगों की तलाश में जुटी पुलिस

जांच जारी: ठगे जाने का अहसास होने के बाद पीड़ित किसान हेमंत साहू तुरंत बोरी थाना पहुंचे और आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस की साइबर सेल टीम अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाल रही है, जिनके जरिए इस ठगी को अंजाम दिया गया है।

साइबर अलर्ट: ऐसे झांसों से रहें सावधान!

पुलिस और साइबर विशेषज्ञ लगातार आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे इस तरह के फ्रॉड से बचें:

कोई भी कंपनी फोन पर पैसे नहीं मांगती: कोई भी वैध इंश्योरेंस कंपनी या बैंक किसी बंद पॉलिसी को चालू करने के लिए फोन पर पैसे ट्रांसफर करने या गोपनीय दस्तावेज (जैसे OTP, बैंक डिटेल) नहीं मांगता।

अज्ञात नंबरों पर भरोसा न करें: यदि कोई अज्ञात व्यक्ति आपको मोटी रकम या बोनस का लालच देता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और सीधे संबंधित कंपनी के आधिकारिक दफ्तर जाकर सच्चाई का पता लगाएं।

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