फर्जी निवेश के नाम पर लाखों की ठगी: पुलिस ने एक शातिर आरोपी को दबोचा, बैंक दस्तावेज जब्त…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मोटी कमाई और फर्जी निवेश योजना (Fake Investment Scheme) का झांसा देकर आम जनता से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दुर्ग सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस ठगी नेटवर्क के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किए गए आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आरोपी को गुरुवार को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
‘डबल मुनाफे’ का लालच देकर फंसाते थे जाल में
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था:
लुभावनी स्कीम्स का झांसा: आरोपी भोले-भाले लोगों और कम पढ़े-लिखे युवाओं को कम समय में निवेश की गई रकम को दोगुना करने या भारी-भरकम फिक्स्ड रिटर्न (मुनाफा) देने का लालच देते थे।
फर्जी डिजिटल प्लेटफॉर्म: गिरोह के सदस्य लोगों का भरोसा जीतने के लिए फर्जी वेबसाइट या मोबाइल एप्लीकेशन का सहारा लेते थे, जहां शुरुआत में थोड़ा मुनाफा दिखाकर लोगों से बड़ी रकम का निवेश करा लिया जाता था।
अचानक गायब होना: जब निवेशक अपनी बड़ी पूंजी इनके पास जमा कर देते थे, तो आरोपी अचानक अपने मोबाइल नंबर बंद कर देते थे और वेबसाइट या ऐप को भी ब्लॉक कर देते थे।
सिटी कोतवाली पुलिस की मुस्तैदी से मिली कामयाबी
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और बैंक खातों के ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को खंगालने के बाद पुलिस इस शातिर आरोपी तक पहुंचने में कामयाब रही।
दुर्ग पुलिस की अपील: “किसी भी ऐसी गैर-पंजीकृत वित्तीय संस्था या अज्ञात मोबाइल ऐप पर निवेश न करें जो बहुत कम समय में पैसा दोगुना करने का दावा करती हो। कोई भी निवेश करने से पहले वह संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या सेबी (SEBI) से मान्यता प्राप्त है या नहीं, इसकी जांच अवश्य कर लें।”
पुलिस को उम्मीद है कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के बाद इस महाठगी के नेटवर्क से जुड़े कई अन्य बड़े चेहरों का खुलासा होगा और यह भी पता चल सकेगा कि अब तक इन्होंने छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।

