म्यूल अकाउंट का बड़ा भंडाफोड़: 10 करोड़ का फर्जी ट्रांजैक्शन उजागर, बैंक कर्मी भी जांच के दायरे में…NV News

Share this

NV News- डिजिटल क्रांति के इस दौर में साइबर अपराधियों ने ठगी की रकम को सुरक्षित ठिकाने लगाने और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक बेहद खतरनाक नेटवर्क तैयार कर लिया है। बिलासपुर जिले में साइबर फ्रॉड के मामलों की जांच कर रही पुलिस ने एक ऐसे ही ‘म्यूल अकाउंट’ (किराए के बैंक खाते) के बड़े खेल का पर्दाफाश किया है, जिसके तार बैंक कर्मचारियों से भी जुड़े होने का अंदेशा है। शुरुआती जांच में इन खातों के जरिए लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध और अवैध ट्रांजैक्शन की बात सामने आई है।

जिले के विभिन्न थानों में दर्ज साइबर ठगी के 13 मामलों की गहराई से जांच करने पर पुलिस के हाथ यह बड़ी कामयाबी लगी। जांच में खुलासा हुआ कि साइबर अपराधी गरीब मजदूरों, बेरोजगार युवाओं और कॉलेज के छात्रों को अपना मोहरा बना रहे हैं। इन मासूम और जरूरतमंद लोगों की आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर अपराधी महज 5 से 10 हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवा लेते हैं और उनके सिम कार्ड व एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते हैं। इसके बाद इन खातों का पूरा संचालन अपराधी खुद करते हैं और देशभर से ठगी गई रकम को इनमें ट्रांसफर कर सुरक्षित निकाल लेते हैं।

पुलिस की जांच में ऐसे 30 संदिग्ध खाते सामने आए हैं, जो पूरी तरह से मजदूरों और छात्रों के नाम पर हैं, लेकिन उनमें करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। इस पूरे सिंडिकेट में कुछ निजी और सरकारी बैंक कर्मियों की मिलीभगत की भी गंभीर आशंका जताई जा रही है, जो बिना सही वेरिफिकेशन के और नियमों को ताक पर रखकर ऐसे फर्जी खाते खोलने में अपराधियों की मदद करते थे। बिलासपुर पुलिस अब इन सभी बैंक खातों को फ्रीज (सीज) कर ट्रांजैक्शन हिस्ट्री खंगाल रही है और बैंक के भीतर मौजूद संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी में है ताकि इस अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

Share this

You may have missed