छत्तीसगढ़ की माटी में अब महकेगा यूपी का ‘दशहरी’ और आंध्र प्रदेश का ‘बैंगनफल्ली’: किसानों की बदलेगी किस्मत…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र और फल उत्पादक किसानों के लिए एक बेहद उत्साहजनक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब उत्तर प्रदेश का विश्वप्रसिद्ध ‘दशहरी’ और आंध्र प्रदेश के नंदियाल क्षेत्र का खास ‘बैंगनफल्ली’ आम छत्तीसगढ़ के बगीचों में भी अपनी मिठास घोलेगा। राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के फल वैज्ञानिक व अनुसंधान केंद्र में हुए एक महत्वपूर्ण शोध में यह प्रमाणित हुआ है कि छत्तीसगढ़ की जलवायु और मिट्टी देश की इन सबसे उन्नत और लोकप्रिय आम की किस्मों के व्यावसायिक उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल साबित हो रही है।
कृषि वैज्ञानिकों के इस सफल शोध के बाद अब राज्य के प्रगतिशील किसानों के लिए पारंपरिक फसलों के अलावा बागवानी के क्षेत्र में अपनी आय को दोगुना करने का एक सुनहरा अवसर खुल गया है। अब तक छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से लंगड़ा, चौसा और स्थानीय किस्मों का ही उत्पादन बड़े पैमाने पर होता था, लेकिन अब अन्य राज्यों की इन प्रीमियम वैरायटियों के आने से बाजार में छत्तीसगढ़ के आमों की मांग और ब्रांडिंग दोनों मजबूत होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन अब इन पौधों की नई खेप तैयार कर किसानों को बड़े पैमाने पर वितरित करने की योजना बना रहा है।
इस नई कृषि क्रांति से न केवल राज्य के फल बाजारों में दूसरे राज्यों से आने वाले आमों पर निर्भरता कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर किसानों की आर्थिक किस्मत भी पूरी तरह बदल जाएगी। वैज्ञानिकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ की लाल-पीली मिट्टी और यहां का तापमान इन पौधों के विकास और फलों के स्वाद को और बेहतर बनाने में मददगार साबित हुआ है। इस सफल परीक्षण के बाद अब बस्तर से लेकर सरगुजा तक के किसान इन हाइब्रिड और उन्नत किस्मों की बागवानी कर देश-विदेश के बाजारों में अपनी उपज भेज सकेंगे।

