शहरी गरीबों को बड़ी सौगात: 2017 से पहले सरकारी जमीन पर काबिज लोगों को मिलेगा मालिकाना हक…NV News

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NV News- Raipur छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों में साल 2017 से पहले सरकारी भूमि पर काबिज पात्र व्यक्तियों को अब पट्टा (मालिकाना हक) दिया जाएगा। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में विस्तृत सर्वे का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस कदम से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो दशकों से अपने आशियाने के वैध दस्तावेजों के लिए भटक रहे थे।

सरकार ने इस योजना के लाभ के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें और मापदंड भी तय किए हैं। पट्टा केवल उन्हीं लोगों को दिया जाएगा जो 31 दिसंबर 2017 या उससे पहले से उस जमीन पर काबिज हैं और जिनके पास इसके पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं। इसके अलावा, वह भूमि किसी सार्वजनिक उपयोग (जैसे सड़क, पार्क या स्कूल) के लिए आरक्षित नहीं होनी चाहिए। पट्टा प्रदान करने से पहले कब्जाधारी की पात्रता की कड़ाई से जांच की जाएगी, जिसमें आय प्रमाण पत्र और निवास की अवधि मुख्य आधार होंगे।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहरी झुग्गी-झोपड़ियों और अवैध बस्तियों को व्यवस्थित करना तथा वहां रहने वाले लोगों को सामाजिक और कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है। पट्टा मिलने के बाद ये परिवार न केवल अपने मकान का सुदृढ़ीकरण कर सकेंगे, बल्कि उन्हें बैंक से ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वे प्रक्रिया पारदर्शी हो ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।

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