गंदगी देख भड़के विधायक राजेश मूणत: जोन 8 कमिश्नर ने सफाई ठेकेदार पर ठोका 20 हजार का जुर्माना, दो सुपरवाइजरों की छुट्टी!…NV News

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रायपुर। राजधानी के रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक श्री राजेश मूणत ने कड़ा रुख अपनाया है। आज नगर निगम जोन 8 के अंतर्गत माधव राव सप्रे वार्ड (क्रमांक 69) के यादव पारा और सतनामी पारा क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान जगह-जगह कचरे के ढेर और फैली गंदगी को देखकर विधायक ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर मौजूद जोन कमिश्नर को जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने और सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए।

लापरवाह ठेकेदार पर बड़ी कार्रवाई

विधायक की नाराजगी के बाद जोन 8 की कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल ने तत्काल एक्शन लिया। वार्ड 69 में सफाई का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदार मेसर्स शिव कृपा कंस्ट्रक्शन को नोटिस जारी किया गया है। निरीक्षण में पाया गया कि वार्ड में स्वीकृत संख्या से कम सफाई कर्मचारी तैनात थे और नालियां पूरी तरह जाम थीं। इस लापरवाही पर ठेकेदार पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि 2 दिनों के भीतर व्यवस्था नहीं सुधरी, तो ठेका निरस्त कर दिया जाएगा।

दो सुपरवाइजर हटाए गए, अब होगी ‘जियो टैगिंग’ उपस्थिति

जोन कमिश्नर ने वार्ड 69 में तैनात दो ठेका सफाई सुपरवाइजरों—मिथलेश डहरिया और फूलसिंह यादव—को काम में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, जोन 8 के सभी सफाई ठेकेदारों की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें नए कड़े नियम लागू किए गए हैं:

जियो टैगिंग अटेंडेंस: अब सभी सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति आने और जाने के समय ‘जियो टैगिंग’ के माध्यम से ली जाएगी और इसे ग्रुप में साझा करना अनिवार्य होगा।

ठेकेदार की मौजूदगी: सफाई ठेकेदार को अब स्वयं वार्ड में उपस्थित रहकर मॉनिटरिंग करनी होगी।

पूर्ण स्टाफ: स्वीकृत संख्या के अनुसार सभी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारी

विधायक राजेश मूणत ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के दौरान इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वार्डवासियों से भी संवाद किया और निगम अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। इस दौरान वार्ड पार्षद महेंद्र औसर सहित निगम के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अन्य लापरवाह ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।

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