‘ज्ञान भारतम’ मिशन की बड़ी उपलब्धि: 100 साल पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां मिलीं, प्राचीन विरासत के खुलेंगे राज…NV News
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NV News- आरंग। भारतीय संस्कृति और इतिहास को सहेजने की दिशा में रायपुर जिले के आरंग (मंदिरों की नगरी) में एक बड़ी सफलता मिली है। भारत सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा संचालित ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत किए जा रहे सर्वेक्षण में लगभग 100 साल पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे इस मिशन का उद्देश्य घरों और निजी संस्थानों में छिपी प्राचीन ज्ञान संपदा को सुरक्षित करना है।
व्यवसायी के घर मिला इतिहास का खजाना
यह महत्वपूर्ण खोज आरंग के अग्रवाल पारा निवासी व्यवसायी दीपक साहेब और उनकी पत्नी शीला गुरु गोस्वामी के निवास पर हुई। सर्वेक्षण दल को उनके घर से ऐसी पांडुलिपियां मिली हैं, जो न केवल शताब्दी पुरानी हैं, बल्कि तत्कालीन लिपि और लेखन शैली का उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करती हैं। इन पांडुलिपियों को परिवार ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेज कर रखा था, जिसे अब राष्ट्रीय धरोहर के रूप में दस्तावेजीकरण के लिए प्रस्तुत किया गया है।
ज्ञान भारतम मिशन का महत्व
आरंग क्षेत्र अपनी प्राचीन मूर्तिकला और मंदिरों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि इन पांडुलिपियों का मिलना क्षेत्र के सांस्कृतिक महत्व को और बढ़ाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हस्तलेखों के अध्ययन से तत्कालीन समाज, धर्म और ज्ञान-विज्ञान के बारे में कई नई और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
पांडुलिपियों का होगा संरक्षण
संस्कृति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन पांडुलिपियों को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाएगा और उनकी डिजिटल कॉपी भी तैयार की जाएगी। इस सफलता के बाद मिशन की टीम ने आरंग और आसपास के क्षेत्रों में सर्वेक्षण कार्य को और तेज कर दिया है, ताकि पूर्वजों की इस अनमोल विरासत को दीमक और समय की मार से बचाया जा सके।

