नौतपा के आखिरी दिन छत्तीसगढ़ में मौसम का यू-टर्न: रायपुर समेत कई जिलों में अंधड़, बारिश और आसमानी बिजली का अलर्ट…NV News

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NV News- रायपुर: छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से जारी नौतपा की प्रचंड तपिश और भीषण गर्मी के बीच आम जनता के लिए राहत और सतर्कता भरी खबर सामने आई है। नौतपा के आखिरी दिन प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों ने राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में तेज अंधड़ चलने, गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का हाई अलर्ट जारी किया है। इस मौसमी बदलाव से जहाँ एक ओर पारा गिरेगा और लोगों को उमस व लू से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अचानक आने वाले तूफान को लेकर प्रशासन ने सावधानी बरतने की हिदायत दी है।

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने बदला रुख

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य पाकिस्तान से लेकर ओडिशा तक फैली एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) और बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही भारी नमी के कारण छत्तीसगढ़ के ऊपर एक मजबूत स्थानीय चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो गया है। इसी वेदर सिस्टम के असर से नौतपा के अंतिम दौर में मौसम ने करवट ली है। विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों जैसे जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए भारी अंधड़ की चेतावनी दी है। वहीं रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, महासमुंद, रायगढ़ और बस्तर संभाग के कई जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ घोषित किया गया है।

50 से 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान है कि इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है। कुछ संवेदनशील इलाकों में आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि (ओले गिरने) की भी प्रबल संभावना जताई गई है। आंधी और बारिश के इस डबल अटैक के कारण पिछले दिनों 45 डिग्री के पार पहुँच चुका अधिकतम तापमान अब गिरकर 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ सकता है, जिससे नौतपा के जाते-जाते लोगों को ठंडी हवाओं का अहसास होगा।

मौसम विभाग ने जारी की विशेष गाइडलाइन

अंधड़ और वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि जब मौसम खराब हो या आसमान में तेज गर्जना हो, तो वे खुले स्थानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और बिजली चमकने के दौरान पक्के मकानों की शरण लेने को कहा गया है। यह प्री-मानसून गतिविधि प्रदेश में आने वाले दिनों में मानसून के समय पर आगमन के लिए भी अनुकूल मानी जा रही है।

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