राष्ट्रपति भवन में दिखा बस्तर का वैभव: मांझी-चालकी और ‘बस्तर पंडुम’ के विजेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की खास मुलाकात!…NV News
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NV News रायपुर/नारायणपुर न्यूज़: बस्तर के घने जंगलों, अनूठी स्वशासन व्यवस्था और समृद्ध जनजातीय विरासत की गूंज देश के सर्वोच्च मंच राष्ट्रपति भवन तक पहुँच गई है। नारायणपुर जिले के पारंपरिक मांझी-चालकी, पद्मश्री सम्मानित कलाकारों और ‘बस्तर पंडुम’ प्रतियोगिता के विजेताओं के एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमंडल ने 30 जुलाई को राष्ट्रपति से मुलाकात कर उन्हें बस्तर की सदियों पुरानी संस्कृति, लोक कलाओं और सामाजिक पहचान से रूबरू कराया।
दौरे और प्रतिनिधिमंडल से जुड़ी प्रमुख बातें:
भव्य रवानगी: 27 जुलाई को नारायणपुर नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल ने हरी झंडी दिखाकर इस दल को दिल्ली के लिए रवाना किया था।
बस्तर पंडुम की विजेता: जनजातीय आभूषण विधा की विजेता मुंगड़ी कोर्राम और सुदनी दुग्गा ने राष्ट्रपति के सामने पारंपरिक आभूषणों के सांस्कृतिक महत्व और निर्माण कला को साझा किया।
पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था का प्रतिनिधित्व: बस्तर की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था का नेतृत्व करते हुए एड़का परगना के मांझी राजाराम, करंगाल परगना के मांझी सुधवाराम करंगा, गोटाली परगना के मांझी मंगतू राम ध्रुव, नूरदेश परगना के मांझी गुड्डू पोटाई तथा चालकी सोमारू राम ने बस्तर की पारंपरिक सामाजिक संरचना का परिचय दिया।
गौरव का क्षण: इस ऐतिहासिक मुलाकात से न केवल नारायणपुर और समूचा बस्तर संभाग गौरवान्वित हुआ है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय कला और धरोहरों के संरक्षण को एक नया प्रोत्साहन मिला है।

