गर्मियों का ‘सुपरफूड’ है पेठे का मुरब्बा: लू से बचाएगा और पेट रखेगा ठंडा; बिना मिलावट घर पर ऐसे करें तैयार…NV News

Share this

NV News- Raipur भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए आयुर्वेद में पेठे के मुरब्बे को वरदान माना गया है। सफेद कद्दू यानी ‘ऐश गॉर्ड’ (Ash Gourd) से बना यह मुरब्बा न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि इसकी तासीर बेहद ठंडी होती है। यह शरीर की आंतरिक गर्मी को शांत करने, एसिडिटी दूर करने और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है। बाजार में मिलने वाले मिलावटी मुरब्बे के बजाय, आप इसे आसानी से और शुद्धता के साथ घर पर बना सकते हैं।

पेठे का मुरब्बा खाने के बेमिसाल फायदे

लू से बचाव: गर्मियों में नियमित सेवन से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और लू लगने का खतरा कम होता है।

पेट की ठंडक: यह पेट की जलन, अल्सर और एसिडिटी में तुरंत राहत पहुंचाता है।

एनर्जी बूस्टर: थकान और कमजोरी महसूस होने पर इसका एक टुकड़ा खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है।

याददाश्त और मानसिक शांति: यह मस्तिष्क को ठंडक प्रदान करता है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है और तनाव कम होता है।

घर पर बनाने की विधि (Petha Murabba Recipe)

सामग्री:

सफेद पेठा (पका हुआ): 1 किलो

चीनी: 700-800 ग्राम

चूना (खाने वाला): 1 बड़ा चम्मच

इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच

केवड़ा जल (वैकल्पिक): कुछ बूंदें

बनाने का तरीका:

कटिंग और पियर्सिंग: पेठे को छीलकर उसके बीज वाला मुलायम हिस्सा निकाल दें। अब इसे चौकोर टुकड़ों में काट लें और कांटे (Fork) की मदद से इनमें गहरे छेद करें।

चूने के पानी का उपचार: एक बड़े बर्तन में पानी भरें और चूना घोल दें। इसमें पेठे के टुकड़े डालकर 10-12 घंटे के लिए छोड़ दें। इससे पेठा सख्त और सफेद बनेगा।

धुलाई और उबालना: चूने के पानी से निकालकर पेठे को 3-4 बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। अब इन्हें उबलते पानी में तब तक पकाएं जब तक कि ये थोड़े पारदर्शी (Transparent) न हो जाएं।

चाशनी तैयार करना: एक कड़ाही में चीनी और थोड़ा पानी डालकर गर्म करें। जब चीनी घुल जाए, तो उबले हुए पेठे के टुकड़े इसमें डाल दें।

पकाना: धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि चाशनी एक तार की न हो जाए और पेठा चाशनी को पूरी तरह सोख न ले। अंत में इलायची पाउडर और केवड़ा जल मिलाएं।

स्टोरेज: ठंडा होने के बाद इसे कांच के जार में भरकर रखें।

सुझाव: मुरब्बे को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही जार में भरें। इसे फ्रिज में रखने की आवश्यकता नहीं होती, यह काफी समय तक सुरक्षित रहता है।

Share this

You may have missed