छत्तीसगढ़ में ‘ईंधन संकट’ की आहट: पेट्रोल पंपों पर राशनिंग शुरू, एक व्यक्ति को 50 लीटर से ज्यादा तेल नहीं; जानें नया निर्देश!….NV News
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NV News- Raipur मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और तनाव का सीधा असर अब छत्तीसगढ़ की सड़कों और पेट्रोल पंपों पर दिखने लगा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंप संचालकों को ईंधन वितरण सीमित करने के मौखिक निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब एक व्यक्ति को एक बार में अधिकतम 50 लीटर पेट्रोल ही मिल सकेगा, जबकि डीजल के लिए एक वाहन की सीमा 250 लीटर तय की गई है। हालांकि कंपनियों ने कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन व्हाट्सएप के जरिए पंप मालिकों को सतर्कता बरतने को कहा गया है।
इस ‘फ्यूल राशनिंग’ की खबर फैलते ही प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर अफरातफरी का माहौल बन गया है। रायपुर और बिलासपुर जैसे शहरों में लोग भविष्य की चिंता में टैंक फुल कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। कंपनियों ने निर्देश दिए हैं कि जेरीकेन या ड्रम में बड़ी मात्रा में डीजल की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि जमाखोरी को रोका जा सके। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि कंपनियों से होने वाली सप्लाई में भी थोड़ी कटौती की जा रही है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में देशवासियों से ईंधन की बचत करने की अपील की है, जिससे जनता के बीच आशंकाएं और गहरा गई हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और तेल कंपनियों को हो रहे भारी घाटे को देखते हुए यह पाबंदी लगाई गई है। परिवहन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो आने वाले दिनों में माल ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब और जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा।

