Strike News: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों का जंगी ऐलान, 29 से 31 दिसंबर तक प्रदेशव्यापी हड़ताल
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रायपुर। प्रदेश में कर्मचारियों की 11 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर फेडरेशन ने 29 से 31 दिसंबर तक त्रिदिवसीय जंगी प्रदर्शन और हड़ताल की पूरी तैयारी कर ली है। फेडरेशन का आरोप है कि मोदी की गारंटी लागू करने में छत्तीसगढ़ सरकार उदासीन रवैया अपनाए हुए है, जिससे कर्मचारी वर्ग में भारी नाराजगी है।
फेडरेशन ने दावा किया है कि हड़ताल के दौरान नवा रायपुर स्थित सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयों में तालाबंदी की जाएगी। इसके साथ ही निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और स्कूलों में भी तालाबंदी की प्रबल संभावना है।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा, बीपी शर्मा, राजेश चटर्जी, चंद्रशेखर तिवारी, पवन शर्मा, जी.आर. चंद्रा, रोहित तिवारी, संजय सिंह, संजय ठाकुर, केदार जैन, मनीष मिश्रा, पंकज पांडेय, बिंदेश्वर रौतिया और अरुण तिवारी ने बताया कि मोदी की गारंटी को लागू कराने के लिए कई बार सरकार को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
फेडरेशन ने बताया कि कर्मचारियों के ध्यानाकर्षण के लिए 22 अगस्त 2025 को प्रदेश बंद हड़ताल भी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार स्तर पर कर्मचारियों की मांगों को लेकर कोई गंभीर सुगबुगाहट नहीं दिख रही है। जबकि प्रदेश के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी पूरी तरह कर्मचारी-अधिकारियों के कंधों पर है।
फेडरेशन ने हड़ताल को सफल बनाने के लिए प्रदेश के पांचों संभागों में समीक्षा बैठकें की हैं। प्रत्येक जिले में संयोजकों द्वारा बैठकें लगातार जारी हैं। सामूहिक अवकाश आवेदन भरे जा रहे हैं और जिलों में संयोजक तथा प्रांतीय कोर कमेटी द्वारा हड़ताल की मॉनिटरिंग की जा रही है।
11 सूत्रीय प्रमुख मांगें:
1. केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों व पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए।
2. DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
3. सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
4. विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
5. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।
6. सहायक शिक्षकों व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
7. अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण किया जाए।
8. प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।
9. अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस किया जाए।
10. दैनिक, अनियमित व संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की ठोस नीति बनाई जाए।
11. सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।
