हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई: जल संसाधन विभाग की संपत्ति कुर्क करने के आदेश, अधिकारियों पर कोर्ट का कड़ा रुख
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रायपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के दो साल बाद भी पालन न करने पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। हाई कोर्ट द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान न होने से नाराज़ भू-अर्जन पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन न्यायालय, रायपुर ने जल संसाधन विभाग गरियाबंद कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने का बड़ा आदेश जारी कर दिया है। विभागीय कार्यालयों में इस आदेश के बाद हड़कंप मच गया है।
दो वर्ष पूर्व हाई कोर्ट ने दुर्गा देवी स्मृति सेवा समिति को मुआवजा राशि देने का स्पष्ट आदेश जारी किया था। इसके बावजूद विभागीय अफसरों ने न तो आदेश का पालन किया और न ही याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए स्मरण-पत्रों का संज्ञान लिया। लगातार उपेक्षा से परेशान होकर याचिकाकर्ता को न्यायालय का सहारा लेना पड़ा।
विभागीय लापरवाही पर न्यायालय का तीखा रुख
सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि कार्यपालन अभियंता गरियाबंद कोर्ट में उपस्थित भी नहीं हुए और न ही उनकी ओर से मुआवजा राशि जमा की गई। विभाग के अधिवक्ता ने अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया। अदालत ने कहा कि दो साल बीत जाने के बाद भी हाई कोर्ट के आदेश का पालन न करना गंभीर लापरवाही है।
बीते आदेश में न्यायालय ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि चेक जमा न करने पर कुर्की वारंट जारी किया जाएगा। आदेश की अवहेलना जारी रहने पर अब कोर्ट ने गरियाबंद कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने और उससे प्राप्त राशि को दुर्गा देवी स्मृति सेवा समिति को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
अफसरों की लापरवाही से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ
कोर्ट ने कहा कि आदेश पालन न करने से लगातार ब्याज बढ़ रहा है, जिसका सीधा बोझ सरकार पर पड़ेगा। कई अवसर दिए जाने के बाद भी विभागीय अधिकारी कार्रवाई में असफल रहे, जिसके बाद अब और समय देने से इनकार करते हुए कोर्ट ने कुर्की का आदेश पारित कर दिया।
