कोरबा DEO पर गंभीर आरोप: 11 साल से गायब कर्मचारी को दोबारा ज्वाइनिंग, विभाग में भर्राशाही के आरोप तेज
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रायपुर। कोरबा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। एक सप्ताह के भीतर विभागीय नियमों के उल्लंघन के चार बड़े मामले सामने आए हैं। ताजा मामला इतना चौंकाने वाला है कि उसने स्कूल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि DEO ने 11 साल से अनुपस्थित एक कर्मचारी को बिना विभागीय अनुमति के दोबारा ज्वाइनिंग दे दी, जबकि ऐसे मामलों में बर्खास्तगी तक की कार्रवाई अनिवार्य होती है।
11 साल से गायब था कर्मचारी, फिर भी करा दी ज्वाइनिंग
गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, कुदुरमाल में भृत्य के पद पर कार्यरत राय सिंह जगत 22 नवंबर 2014 से लगातार अनुपस्थित था। सामान्य प्रशासन विभाग ने एक महीने से अधिक अनधिकृत अनुपस्थिति पर कार्रवाई का निर्देश दे रखा था, वहीं 3 साल से अधिक अनुपस्थित कर्मचारियों पर बर्खास्तगी का प्रावधान था।
लेकिन इन नियमों को दरकिनार करते हुए DEO कोरबा ने न केवल राय सिंह को ज्वाइनिंग करा दी, बल्कि यह आदेश राज्य शासन स्तर से नहीं बल्कि सीधे जिला शिक्षा कार्यालय से जारी किया, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध माना जाता है।
प्राचार्य का दावा—DEO के आदेश पर कराई ज्वाइनिंग
संस्था के प्राचार्य आर. वी. डहरिया ने बताया कि उन्होंने कर्मचारी के खिलाफ 5 बार स्पष्टीकरण पत्र जारी किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
18 मई 2024 को उन्होंने DEO को पत्र लिखकर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी।
हालांकि इस पत्र का कोई जवाब नहीं आया, उल्टा अक्टूबर 2025 में कर्मचारी को पुनः ज्वाइन करा दिया गया, जो अब स्कूल में अपनी सेवा दे रहा है।
ऑनलाइन रिकॉर्ड भी नहीं, फिर भी वेतन प्रक्रिया शुरू
कर्मचारी 2014 से अनुपस्थित था, इसलिए उसका
न ऑनलाइन कर्मिक संपदा भरा गया,
न ऑनलाइन वेतन एंट्री उपलब्ध है।
इसके बावजूद DEO कार्यालय ने ट्रेजरी को वेतन तैयार करने का पत्र भेज दिया है, जिससे विभाग में पारदर्शिता और नियम पालन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
विभाग की चुप्पी से बढ़े सवाल
मामले के सार्वजनिक होने के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे विभाग में भर्राशाही और राजनीतिक संरक्षण जैसे आरोपों को बल मिल रहा है।
