करोड़ों का भवन बना खंडहर: सीपत में 100 बिस्तरों का अस्पताल 6 साल बाद भी शुरू नहीं, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही…NV News
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NV News- बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। साल 2018 में करोड़ों रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ 100 बिस्तरों का अस्पताल आज छह साल बाद भी आम जनता के लिए शुरू नहीं हो सका है। शासन की भारी-भरकम राशि खर्च होने के बावजूद, उद्घाटन की बाट जोहता यह भवन अब देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग और राजनीतिक नेतृत्व की गंभीर उदासीनता के चलते यह अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है। आलम यह है कि अस्पताल की दीवारें दरकने लगी हैं, कीमती खिड़कियां और दरवाजे उखड़ चुके हैं और पूरे परिसर में झाड़ियों व गंदगी का अंबार लग गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बेहतर इलाज की सख्त जरूरत है, लेकिन तैयार अस्पताल को धूल फांकने के लिए छोड़ दिया गया है।
बड़ी चिंता की बात यह है कि लावारिस पड़े इस सरकारी भवन पर अब असामाजिक तत्वों ने अपना डेरा जमा लिया है। परिसर में खुलेआम अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिससे आसपास का माहौल भी खराब हो रहा है। करोड़ों की सरकारी संपत्ति की इस कदर बर्बादी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर क्यों तैयार बुनियादी ढांचे का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
सीपत और आसपास के दर्जनों गांवों के लोग इलाज के लिए आज भी बिलासपुर शहर पर निर्भर हैं, जबकि उनके अपने क्षेत्र में एक सर्वसुविधायुक्त अस्पताल खंडहर बन रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की चुप्पी ने जनता के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। यदि जल्द ही इस भवन की मरम्मत कर इसे शुरू नहीं किया गया, तो यह पूरी इमारत रहने लायक भी नहीं बचेगी।

