रेत माफियाओं पर बड़ी चोट: पैरी नदी में चल रहे अवैध उत्खनन पर केंद्रीय उड़नदस्ते का छापा, 3 चैन माउंटेन मशीनें और हाईवा जब्त…NV News
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NV News- Gariaband Illegal Sand Mining Action: छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और भू-माफियाओं के खिलाफ राज्य सरकार के कड़े रुख के बाद खनिज विभाग पूरे एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इसी सिलसिले में खनिज विभाग की केंद्रीय खनि उड़नदस्ता (Central Mining Flying Squad) और गरियाबंद जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने एक बड़ी और सामूहिक छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजिम क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से चल रहे अवैध रेत उत्खनन के खेल को बंद कराते हुए टीम ने मौके से 3 विशालकाय चैन माउंटेन मशीनें (पोकलेन) और अवैध परिवहन में संलिप्त एक हाईवा वाहन को जब्त किया है। इस बड़ी कार्रवाई से अंचल के रेत माफियाओं और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
पैरी नदी में मशीनों से हो रहा था अवैध सीनाजोरी, औचक निरीक्षण में पकड़ाया खेल
विभागीय सूत्रों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, खनिज विभाग के सचिव और संचालक के कड़े दिशा-निर्देशों पर केंद्रीय उड़नदस्ते की संयुक्त जांच टीम ने 8 जून 2026 को गरियाबंद जिले के तहसील राजिम के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुरुसकेरा में दबिश दी। यहां पैरी नदी के भीतर गौण खनिज (साधारण रेत) का न केवल अवैध उत्खनन किया जा रहा था, बल्कि एनजीटी (NGT) के नियमों के सख्त खिलाफ जाकर नदी जल के बीच भारी-भरकम मशीनों से रेत निकाली जा रही थी। जांच टीम ने मौके पर ही खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कड़ा एक्शन लेते हुए तीनों चैन माउंटेन मशीनों को सील कर दिया। इसके साथ ही अवैध परिवहन कर रहे हाईवा ट्रक को राजिम थाने में सुरक्षार्थ सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में खदान संचालक और मशीन मालिकों को कड़ा नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
- प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए साय सरकार प्रतिबद्ध, दोषियों पर होगी जेल की कार्रवाई

इस बड़ी और सफल कार्रवाई पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि उनकी सुशासन सरकार राज्य की खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अवैध उत्खनन, भंडारण या परिवहन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कानूनन कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टोरेट और जिला प्रशासन गरियाबंद के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले की सभी जीवनदायिनी नदियों में इस तरह के अवैध कृत्यों पर लगातार पैनी नजर रखें और सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

