Rainy Season Skin Care: बारिश में भीगने से हो सकता है गंभीर स्किन इन्फेक्शन; रैशेज और खुजली से बचने के लिए रखें इन जरूरी बातों का ध्यान…NV News

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NV News 10 जुलाई 2026। झुलसती गर्मी के बाद मानसून की पहली बारिश हर किसी को राहत का अहसास कराती है। मौसम सुहाना होते ही लोग अक्सर बारिश में भीगने का लुत्फ उठाने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बारिश का यह मजा आपकी त्वचा के लिए बड़ी सजा बन सकता है? डॉक्टरों और त्वचा विशेषज्ञों (Dermatologists) के अनुसार, मानसून के मौसम में हवा में अत्यधिक नमी (Humidity) बढ़ जाती है, जो बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल तैयार करती है। ऐसे में बारिश के पानी में भीगने की वजह से फंगल इन्फेक्शन, दाद, जिद्दी रैशेज और लगातार खुजली की समस्या होना बेहद आम है।

अगर समय रहते त्वचा की सही देखभाल न की जाए, तो यह साधारण सा दिखने वाला इन्फेक्शन गंभीर रूप ले सकता है। आइए जानते हैं कि इस बदलते मौसम में आपको अपनी त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए किन मुख्य बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

स्किन इन्फेक्शन और रैशेज से बचने के लिए जरूरी टिप्स

बारिश के मौसम में त्वचा संबंधी बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञ निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह देते हैं:

1. भीगने के तुरंत बाद साफ पानी से नहाएं

यदि आप किसी वजह से बारिश के पानी में भीग गए हैं, तो घर आते ही सबसे पहले साफ और गुनगुने पानी से स्नान करें। बारिश के पानी में कई तरह के वायुमंडलीय प्रदूषक और बैक्टीरिया होते हैं। नहाने के लिए एंटी-बैक्टीरियल साबुन या बॉडी वॉश का इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद होता है।

2. त्वचा को पूरी तरह सुखाना है बेहद जरूरी

नहाने के बाद एक साफ और सूखे तौलिए से अपने शरीर को अच्छी तरह पोंछें। विशेष रूप से शरीर के उन हिस्सों को जहां पसीना या नमी ज्यादा जमा होती है—जैसे उंगलियों के बीच का हिस्सा, अंडरआर्म्स और गर्दन। त्वचा के गीले या नम रहने पर फंगल इन्फेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

3. गीले कपड़े और मोज़े तुरंत बदलें

ऑफिस या बाहर से आते वक्त यदि आपके कपड़े या जूते-मोज़े गीले हो गए हैं, तो उन्हें घंटों तक पहनकर रखने की गलती बिल्कुल न करें। गीले मोज़े पहनने से पैरों में ‘एथलीट फुट’ (Athlete’s Foot) नामक फंगल इन्फेक्शन हो सकता है।

4. सूती और ढीले कपड़े पहनें

इस मौसम में सिंथेटिक, नायलॉन या बहुत ज्यादा टाइट कपड़े पहनने से बचें। टाइट कपड़ों की वजह से त्वचा को हवा नहीं मिल पाती और घर्षण (Friction) के कारण रैशेज होने लगते हैं। मानसून में हमेशा ढीले और सूती (Cotton) कपड़े पहनें, जो पसीने को आसानी से सोख सकें।

5. एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें

यदि आपको पहले से ही पसीने या रैशेज की समस्या है, तो नहाने और शरीर को अच्छी तरह सुखाने के बाद प्रभावित अंगों पर एंटी-फंगल या डस्टिंग पाउडर लगाएं। यह त्वचा की नमी को सोखकर उसे सूखा रखने में मदद करता है।

6. भरपूर पानी पीएं और डाइट का रखें ख्याल

मौसम ठंडा होने पर लोग अक्सर पानी पीना कम कर देते हैं, जिससे त्वचा डिहाइड्रेट हो जाती है। शरीर के टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थों) को बाहर निकालने के लिए रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पीएं। साथ ही, अपनी डाइट में विटामिन-सी से भरपूर फल और हरी सब्जियों को शामिल करें ताकि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत बनी रहे।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

यदि बारिश में भीगने के बाद आपकी त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते पड़ गए हों, असहनीय खुजली हो रही हो, या त्वचा से पपड़ी निकलने लगी हो, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे बैठने के बजाय तुरंत किसी क्वालिफाइड डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) से संपर्क करें। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी मेडिकल स्टोर से लाकर कोई भी स्टेरॉयड युक्त क्रीम लगाना त्वचा को और अधिक नुकसान पहुंचा सकता है।

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