Obesity and Fertility: पैरेन्ट्स बनने में मुसीबत पैदा करता है बढ़ता हुआ वजन, जानिए महिला-पुरुष दोनों पर इसका गंभीर असर…NV News
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NV News- आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में मोटापा न केवल हृदय और मधुमेह जैसी बीमारियों का कारण बन रहा है, बल्कि यह परिवार नियोजन (Family Planning) में भी एक बड़ी बाधा के रूप में सामने आया है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर का अत्यधिक वजन हार्मोनल संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ देता है, जिससे महिला और पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता (Fertility) पर सीधा असर पड़ता है। जब शरीर में फैट की मात्रा सामान्य से अधिक होती है, तो यह प्रजनन अंगों के सामान्य कार्य में रुकावट पैदा करती है, जिससे गर्भधारण की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं।
महिलाओं में बढ़ता वजन सीधे तौर पर ओव्यूलेशन प्रक्रिया को प्रभावित करता है, जिससे पीसीओएस (PCOS) जैसी समस्याएं जन्म लेती हैं, जो गर्भधारण में मुख्य रुकावट हैं। वहीं, पुरुषों पर भी इसका दुष्प्रभाव कम नहीं है; मोटापा शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करता है और एस्ट्रोजन को बढ़ाता है। शोध से पता चलता है कि अधिक वजन वाले पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या (Sperm Count) और गुणवत्ता में भारी गिरावट देखी जाती है, जिससे फर्टिलिटी रेट प्रभावित होता है। इसके अलावा, मोटापे के कारण होने वाला इंसुलिन रेजिस्टेंस भी प्रजनन क्षमता को कम करने का एक बड़ा कारक है।
यदि आप या आपके साथी प्रजनन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो सबसे पहले अपने बीएमआई (BMI) पर ध्यान दें। किसी ‘क्रैश डाइट’ के बजाय, डॉक्टर की सलाह से एक संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। प्रतिदिन कम से कम 30-40 मिनट की वॉक, योग और तनाव मुक्त जीवनशैली अपनाने से शरीर के हार्मोनल स्तर में सुधार हो सकता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि स्वस्थ वजन न केवल गर्भधारण के चांस को बढ़ाता है, बल्कि सुरक्षित गर्भावस्था के लिए भी बेहद जरूरी है।
