विराट अपहरण कांड: हाई कोर्ट से अपहरणकर्ताओं को झटका, ‘बड़ी मां’ सहित 5 दोषियों की उम्रकैद बरकरार…NV News

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NV News- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शहर के बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले मासूम विराट सराफ अपहरण कांड के दोषियों को बड़ी राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने निचली अदालत (सत्र न्यायालय) द्वारा दोषियों को सुनाई गई उम्रकैद और अन्य सजाओं के खिलाफ दायर की गई अपीलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि निचली अदालत का फैसला पूरी तरह न्यायसंगत है।

इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह था कि अपहरण की मास्टरमाइंड बच्चे की सगी ‘बड़ी मां’ (नीता सराफ) ही थी, जिसने चंद रुपयों के लालच में अपने ही घर के चिराग का सौदा कर दिया था। नीता सराफ ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर 6 करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने के इरादे से मासूम विराट का अपहरण करवाया था। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि अभियोजन पक्ष ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), साइबर एनालिसिस और वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए आरोपियों के खिलाफ अपराध को अकाट्य रूप से साबित किया है।

युगलपीठ ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि मासूम बच्चों का अपहरण कर फिरौती मांगना एक अत्यंत गंभीर और जघन्य अपराध है, जिसमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। इस फैसले के बाद ‘बड़ी मां’ समेत सभी 5 दोषियों को अब अपनी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे ही काटनी होगी। हाई कोर्ट के इस कड़े रुख से पीड़ित परिवार को एक बार फिर न्याय मिला है, वहीं समाज में इस तरह के जघन्य कृत्य करने वालों के लिए एक सख्त संदेश गया है।

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