Stray Dog Menace: 5 साल के मासूम की मौत के बाद जागा कोरबा नगर निगम; दादर इलाके में आवारा कुत्तों को पकड़ने का महाअभियान शुरू….NV News

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NV News कोरबा/रायपुर, 18 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी कोरबा के दादर इलाके में आवारा कुत्तों के झुंड द्वारा एक पांच वर्षीय मासूम को बेरहमी से नोंचकर मार डालने की हृदयविदारक घटना के बाद आखिरकार स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की नींद टूट गई है। इस गंभीर लापरवाही और जन-आक्रोश को देखते हुए कोरबा नगर पालिक निगम ने पूरे शहर में आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी करने का एक व्यापक नियंत्रण अभियान (Stray Dog Control Drive) शुरू कर दिया है।

कार्रवाई के तहत शुक्रवार को खुद नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे अपने पूरे प्रशासनिक और स्वास्थ्य अमले के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां सुरक्षा स्थितियों का बारीकी से जायजा लिया और आवारा कुत्तों से प्रभावित ब्लैक स्पॉट्स को चिह्नित करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने पीड़ित और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना भी दी।

पिता के सामने ही कुत्तों के झुंड ने किया था जानलेवा हमला

गुरुवार शाम को घटित हुई यह दर्दनाक घटना दिल दहला देने वाली है, जिसने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया है:

स्कूल से लौट रहा था मासूम: जांजगीर-चांपा जिले के मूल निवासी और वर्तमान में कोरबा में मजदूरी करने वाले किशोर पटेल का 5 वर्षीय पुत्र प्रकाश पटेल (कक्षा पहली का छात्र) शाम करीब 4 बजे अपने पिता से मिलने के बाद घर वापस लौट रहा था।

5-6 कुत्तों ने घेरा: इसी दौरान दादर इलाके की एक सुनसान गली में 5 से 6 हिंसक आवारा कुत्तों के झुंड ने मासूम प्रकाश पर अचानक हमला कर दिया।

पिता के प्रयास रहे नाकाम: चीख-पुकार सुनकर जब तक पिता किशोर पटेल और आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भगाया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुत्तों ने बच्चे के सिर, गर्दन और जननांगों पर इतने गहरे और गंभीर घाव कर दिए थे कि अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुँचने पर उसे मृत घोषित कर दिया।

शहर भर में भारी आक्रोश; डॉग कैचर गाड़ियों की संख्या बढ़ाई गई

इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में नगर निगम के खिलाफ भारी गुस्सा और उबाल देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि शहर की हर गली और मुख्य चौराहों पर आवारा कुत्तों का आतंक है, लेकिन निगम इस पर ध्यान नहीं दे रहा था।

अब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने विशेष ‘डॉग कैचर’ दस्तों और गाड़ियों की संख्या दोगुनी कर दी है। दादर सहित आसपास के संवेदनशील रिहायशी इलाकों से आवारा और हिंसक हो चुके कुत्तों को पकड़कर सीधे नसबंदी और एबीसी (Animal Birth Control) केंद्रों में भेजा जा रहा है। निगम आयुक्त ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी है कि शहर का कोई भी इलाका आवारा पशुओं और हिंसक कुत्तों के खतरे में नहीं रहना चाहिए।

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