Bilaspur Flood Crisis: बिलासपुर में टूटा 20 साल का रिकॉर्ड; बाढ़ जैसे हालात से नेशनल हाईवे-49 ठप, तेज बहाव में बहने से बुजुर्ग महिला की मौत…NV News

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NV News बिलासपुर, 18 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून के चलते पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने बिलासपुर संभाग में भारी तबाही मचाई है। जिले में बारिश का सबसे भयावह असर देखने को मिला है, जहां पिछले 20 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है और पूरा शहर बाढ़ जैसी गंभीर स्थितियों से जूझ रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और मुख्य संपर्क मार्ग कट गए हैं।

नेशनल हाईवे-49 पर बहाव तेज; सरकंडा में एक मौत

बाढ़ के कारण बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों से भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं:

हाईवे पर 5 फीट तक भरा पानी: बिलासपुर को जोड़ने वाले प्रमुख नेशनल हाईवे-49 (NH-49) पर लगातार बारिश के कारण कई संवेदनशील स्थानों पर 4 से 5 फीट तक पानी जमा हो गया है। सड़कों के समंदर में तब्दील हो जाने के कारण इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से ठप कर दिया गया है।

बहाव में बही बुजुर्ग महिला: आपदा के बीच सरकंडा के लिंगियाडीह इलाके से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां सड़कों पर बह रहे पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। जलभराव कम होने के बाद महिला का शव दूर झाड़ियों में फंसा हुआ मिला, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

लीलागर नदी खतरे के निशान के पार; रास्ते बंद

प्रशासनिक अमला और आपदा प्रबंधन की टीमें हाई अलर्ट पर हैं और लगातार जलस्तर की निगरानी कर रही हैं:

कोटमीसोनार मार्ग बंद: कोटमीसोनार इलाके में बहने वाली लीलागर नदी उफान पर है। नदी का पानी पुल के काफी ऊपर से बह रहा है, जिसके चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पूरे रास्ते को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से सख्त अपील की है कि वे किसी भी तरह की अनावश्यक यात्राओं से बचें और केवल बेहद जरूरी होने पर ही सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का चयन करें।

शहर के वीआईपी इलाके और सैकड़ों घर डूबे

बिलासपुर नगर निगम की ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हुई है। शहर के सबसे व्यस्त और पॉश रिहायशी इलाकों की सूरत बिगड़ चुकी है:

सड़कों पर नावें चलने जैसे हालात: शहर के मुख्य श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, मित्र विहार, सरकंडा के बंधवापारा, जोरापारा और शिवम होम्स जैसी दर्जनों कॉलोनियों की सड़कें और घरों के ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह पानी में डूब गए हैं।

लाखों का नुकसान: घरों के भीतर पानी घुसने से लोगों का घरेलू सामान, राशन और गाड़ियां डूबकर खराब हो चुकी हैं। प्रभावित इलाकों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन राहत और बचाव कार्य चला रहा है।

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