खाकी शर्मसार: छत्तीसगढ़ में महाराष्ट्र के 2 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, बाइक पर तस्करी कर ले जा रहे थे बाघ की खाल…NV News
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NV News कांकेर, 1 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से वन्यजीव तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें कानून के रखवाले ही शिकारी और तस्करों के मददगार बन बैठे। भानुप्रतापपुर वनमंडल की टीम ने महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर घेराबंदी कर महाराष्ट्र पुलिस के दो सिपाहियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये दोनों पुलिसकर्मी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये की कीमत रखने वाली ‘बाघ की खाल’ (Tiger Skin) की तस्करी में बिचौलिये (दलाल) की भूमिका निभा रहे थे। वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से बाघ की खाल और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है।
पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमंडल के वनमंडल अधिकारी (DFO) एस. नवीनकुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बाबूराव मडावी और बिजेश्वर गेडम के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र पुलिस में सिपाही के पद पर पदस्थ हैं। वन विभाग की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग सीमा पार से वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करने वाले हैं। इस सूचना पर सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात बांदे इलाके में नाकाबंदी की गई। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर आ रहे दोनों पुलिसकर्मियों को संदेहास्पद स्थिति में रोका गया, जिनकी तलाशी लेने पर उनके पास से कीमती सामग्री यानी बाघ की खाल बरामद हुई।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपी पुलिसकर्मी इस रैकेट में केवल कूरियर या बिचौलिये का काम कर रहे थे, जो मोटी रकम के लालच में इस अवैध धंधे में शामिल हुए। वन विभाग अब इस बात की गहन जांच कर रहा है कि यह बाघ की खाल छत्तीसगढ़ के जंगलों से शिकार किए गए बाघ की है या महाराष्ट्र की, और इस अंतरराज्यीय गिरोह में और कौन-कौन से रसूखदार लोग या शिकारी शामिल हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) की गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

