रायपुर में पहली बार महिला कर्मचारियों के हौसले का शंखनाद: ‘साहसिक नारी सम्मान’ से नवाजी गईं 61 जांबाज बेटियां…NV News
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NV News- रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महिला सशक्तिकरण, अद्वितीय साहस और कर्तव्यनिष्ठा की एक नई और ऐतिहासिक इबारत लिखी गई है। रायपुर के इतिहास में पहली बार, समाज की सुरक्षा, व्यवस्था और सेवा में अग्रिम मोर्चे पर तैनात 61 जांबाज महिला कर्मचारियों और कर्मठ समाजसेविकाओं को ‘साहसिक नारी सम्मान’ से विभूषित किया गया। यह गरिमामयी और अनूठा आयोजन उपासना सेवा संस्थान और सदावर्ती फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
इस विशेष सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य उन वीरांगनाओं और फ्रंटलाइन वर्कर्स के योगदान को मुख्यधारा में लाना था, जो अक्सर अपनी जान जोखिम में डालकर या बेहद कठिन परिस्थितियों में समाज को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने का काम करती हैं, लेकिन लाइमलाइट से दूर रहती हैं।
इन क्षेत्रों की ‘सुपरविमेन’ का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी विभागों में कार्यरत उन महिलाओं को मंच पर लाकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से समाज के सामने मिसाल पेश की है:
महिला पुलिस बल: अपराध नियंत्रण, वीआईपी सुरक्षा और कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने वाली रायपुर पुलिस की जांबाज महिला अधिकारी और सिपाही।
अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं: आगजनी, सड़क हादसों और प्राकृतिक आपदाओं के समय अपनी जान की परवाह किए बिना नागरिकों और मूक पशुओं का रेस्क्यू करने वाली फायर फाइटर महिलाएं।
फील्ड और फ्रंटलाइन सोशल वर्कर्स: दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाली, पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने वाली और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जमीनी स्तर पर लड़ने वाली जुझारू समाजसेविकाएं।
सम्मान के साथ बिखरे उत्सव के रंग
“जब एक महिला निडर होकर अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ती है, तो वह केवल अपना काम नहीं कर रही होती, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के लिए रास्ता बना रही होती है।”
— कविता कुंबज (मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात शिक्षाविद)
शॉल और स्मृति चिह्न: मुख्य अतिथि कविता कुंबज एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने सभी 61 चयनित महिला नायिकाओं को शॉल, श्रीफल और विशेष रूप से तैयार ‘साहसिक नारी स्मृति चिह्न’ भेंट कर उनकी बहादुरी को सलाम किया।
रैंप वॉक और खेल स्पर्धाएं: केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि इन कर्मठ महिलाओं के तनाव को कम करने और उनके आत्मविश्वास को एक नया मंच देने के लिए एक विशेष रैंप वॉक का आयोजन किया गया। वर्दी और सिविल ड्रेस में जब इन जांबाज महिलाओं ने मंच पर कदमताल किया, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके साथ ही कई मनोरंजक खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
प्री-होली सेलिब्रेशन: महिला शक्ति के इस अनूठे उत्सव में रंगों का तड़का भी लगा। सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर आगामी होली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और इस पल को यादगार बनाया।
इस ऐतिहासिक आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अब सिर्फ घर या दफ्तर ही नहीं संभाल रहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर नेतृत्व भी कर रही हैं।

