बारिश-बाढ़ ने बिगाड़ी राशन व्यवस्था; 50 से अधिक सरकारी दुकानों में हजारों क्विंटल खाद्यान्न खराब…NV News

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NV News बिलासपुर, 20 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 17 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश और उसके बाद उत्पन्न हुए भीषण जलभराव (बाढ़) के विनाशकारी दुष्परिणाम अब सामने आने लगे हैं। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा झटका जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लगा है। जलभराव के चलते जिले की विभिन्न राशन दुकानों में रखा हजारों क्विंटल सरकारी खाद्यान्न पानी में डूबने के कारण पूरी तरह भीगकर सड़ गया है। इससे गरीब परिवारों को बांटे जाने वाले मासिक राशन की आपूर्ति शृंखला पूरी तरह चरमरा गई है।

50 से अधिक उचित मूल्य दुकानों में मची तबाही

बाढ़ के कारण राशन व्यवस्था को पहुंचे नुकसान का जमीनी विवरण इस प्रकार है:

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नुकसान: बिलासपुर जिले के शहरी और ग्रामीण, दोनों ही इलाकों की 50 से अधिक शासकीय उचित मूल्य (राशन) दुकानों में बाढ़ का पानी घुस गया।

सामग्री पूरी तरह नष्ट: दुकानों के गोदामों में रखा सैकड़ों टन चावल, शक्कर, चना और नमक पानी के संपर्क में आने से पूरी तरह खराब हो गया है, जो अब इंसानी उपभोग के लायक नहीं बचा।

सरकारी रिकॉर्ड भी हुए नष्ट: खाद्यान्न के साथ-साथ कई राशन दुकानों में रखे महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और वितरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी बाढ़ के पानी में बह गए या गलकर नष्ट हो गए।

दुकान संचालकों ने लगाई मुआवजे की गुहार

प्रशासन के सामने रखी मांग:

इस अप्रत्याशित नुकसान के बाद उचित मूल्य दुकान संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। राशन दुकान संचालकों के संघ ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल खराब हुए खाद्यान्न का पंचनामा तैयार करने, नया स्टॉक उपलब्ध कराने और इस भारी वित्तीय नुकसान के एवज में उचित मुआवजा राशि देने की पुरजोर मांग की है।

प्रभावित दुकानों का सर्वे कराया जा रहा है ताकि प्रभावित कार्डधारकों को दूसरे केंद्रों से लिंक कर राशन की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

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