Urban Development News: पेयजल समस्या का बड़ा समाधान: कमल विहार के ‘गजराज बांध’ को लाइफलाइन बनाने की दिशा में राज्यपाल रमेन डेका की बड़ी पहल…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भविष्य की जल आवश्यकताओं और पेयजल संकट के स्थाई समाधान को लेकर राजभवन ने एक बेहद दूरगामी और जनहितैषी पहल की है। प्रदेश के माननीय राज्यपाल रमेन डेका ने कमल विहार क्षेत्र में स्थित लगभग 230 एकड़ के विशाल भू-भाग में फैले ‘गजराज बांध’ (Gajraj Dam) को रायपुर शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक बड़े जलभंडारण स्रोत (Reservoir) के रूप में पुनर्विकसित करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा है। राज्यपाल की इस महत्वाकांक्षी पहल से न केवल भू-जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि तेजी से बढ़ती राजधानी की आबादी को आने वाले दशकों तक निर्बाध और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस महत्वपूर्ण और जन-सरोकार से जुड़ी योजना को धरातल पर उतारने के लिए राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन में नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और नगर निगम के अतिरिक्त कमिश्नर विनोद पाण्डेय के साथ एक विशेष उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान गजराज बांध की वर्तमान स्थिति, जल भराव क्षमता और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस जलाशय का कायाकल्प करने के लिए एक व्यावहारिक और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को एक नया आयाम दिया जा सके।
चर्चा के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने रेखांकित किया कि वर्तमान में गजराज बांध का उपयोग सिंचाई से जुड़े कार्यों में नहीं के बराबर हो रहा है, जिसके चलते इसके पानी का उचित दोहन नहीं हो पा रहा है। यदि जल संसाधन विभाग और नगर निगम आपसी समन्वय से इस बांध की आवश्यक तकनीकी मरम्मत, गहरीकरण और सुदृढ़ीकरण (पिचिंग) का कार्य करवा लें, तो इसे रायपुर शहर की एक नई ‘लाइफलाइन’ (जीवनरेखा) के रूप में आसानी से बदला जा सकता है। राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि इस बांध को एक आधुनिक वाटर ग्रिड और फिल्टर प्लांट से जोड़कर शहर के बड़े हिस्से में स्वच्छ पेयजल की किल्लत को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सकता है।
राजभवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण विमर्श के बाद राज्यपाल ने महापौर मीनल चौबे को निर्देश दिए हैं कि वे नगर निगम, स्मार्ट सिटी लिमिटेड और जल संसाधन विभाग के तकनीकी अधिकारियों के साथ एक संयुक्त समन्वय टीम का गठन करें। यह टीम जल्द ही गजराज बांध का मौका-मुआयना कर प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तैयार करेगी। राज्यपाल की इस सक्रियता और मार्गदर्शन के बाद नगर निगम प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। माना जा रहा है कि इस परियोजना के आकार लेने से कमल विहार, टिकरापारा, संतोषी नगर और पुरानी बस्ती सहित दक्षिण रायपुर के लाखों नागरिकों को सीधे तौर पर शुद्ध पेयजल का लाभ मिलेगा।

