Devkinandan Thakur News: “मुसलमान और ईसाई के बच्चे ईमानदार हैं, क्योंकि वो…”, रायपुर में कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने बयां की सनातनी की पीड़ा….NV News

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NV News रायपुर। देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर इन दिनों छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हैं। यहाँ पत्रकारों से विशेष चर्चा के दौरान उन्होंने एक सनातनी के तौर पर समाज में आ रहे नैतिक बदलावों पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बच्चों के संस्कारों और धार्मिक शिक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसकी चर्चा अब चारों तरफ हो रही है। देवकी नंदन ठाकुर ने सनातन समाज को अपने बच्चों की परवरिश और उन्हें दिए जा रहे ज्ञान को लेकर आत्ममंथन करने की सलाह दी है।

कुरान और बाइबिल से की तुलना, कहा- हमारे बच्चे गीता नहीं पढ़ते

पत्रकारों से बातचीत करते हुए देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि दूसरे धर्मों के बच्चे अपने धार्मिक ग्रंथों से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “मुसलमान के बच्चे ईमानदार हैं और ईसाई के बच्चे भी ईमानदार हैं, क्योंकि वे बचपन से ही अपनी पवित्र कुरान और बाइबिल पढ़ते हैं।” इसके विपरीत, उन्होंने सनातनी बच्चों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारे बच्चे उतने ईमानदार या संस्कारी नहीं बन पा रहे हैं, क्योंकि वे श्रीमद्भगवद्गीता और रामायण जैसे महान ग्रंथों का अध्ययन नहीं कर रहे हैं।

“हाऊ टू अर्न मनी” सिखाया, धार्मिक और नैतिक ज्ञान से रखा दूर

कथावाचक ने आधुनिक माता-पिता की परवरिश के तरीके पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि आज के समाज में हमने अपने बच्चों को सिर्फ ‘हाऊ टू अर्न मनी’ (पैसा कैसे कमाएं) सिखाया है। हम उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर और अमीर बनाने की होड़ में तो शामिल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें गीता-महाभारत का जीवनोपयोगी ज्ञान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने सनातनी परिवारों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को भौतिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और धार्मिक मूल्यों से भी अवगत कराएं, ताकि वे एक बेहतर इंसान बन सकें।

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