भू-माफियाओं पर बड़ी चोट: कोयला और रेत का अवैध परिवहन करते 8 गाड़ियां जब्त, जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई…NV News
Share this
NV News- Surajpur Illegal Mining Action: छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधनों की चोरी करने वाले भू-माफियाओं और अवैध कारोबारियों के खिलाफ राज्य सरकार के निर्देश पर चौतरफा कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने देर रात बड़ी दबिश देते हुए अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त 8 भारी वाहनों (ट्रक और ट्रैक्टर) को जब्त किया है। ये वाहन बिना वैध दस्तावेजों (रॉयल्टी पर्ची) के कीमती कोयला और रेत का अवैध परिवहन कर रहे थे। खनिज विभाग ने सभी वाहनों को अपने कब्जे में लेकर कलेक्टोरेट परिसर और संबंधित थानों में खड़ा करवा दिया है और वाहन मालिकों के खिलाफ कड़े प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
कलेक्टोरेट और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर दबोचा
मिली जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन को पिछले कुछ दिनों से मुखबिरों के जरिए सूचना मिल रही थी कि सूरजपुर के विभिन्न नदी घाटों और कोयला खदान क्षेत्रों के आस-पास रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन का खेल चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग के अधिकारियों की एक विशेष उड़नदस्ता टीम गठित की गई। टीम ने जिले के मुख्य मार्गों और संवेदनशील इलाकों में औचक नाकेबंदी की। इस दौरान कोयला और रेत से ओवरलोड होकर जा रहे 8 वाहनों को रोका गया। जब चालकों से वैध माइनिंग पास और रॉयल्टी रसीद मांगी गई, तो वे कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सके, जिसके बाद तत्काल जब्ती की कार्रवाई की गई।
मुख्यमंत्री की सुशासन नीति और कैबिनेट के कड़े फैसलों का असर
गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में ऐतिहासिक संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत खनिज ढोने वाले सभी वाहनों में आरएफआईडी (RFID) टैग और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य किया जा रहा है। सरकार की इसी सुशासन और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सूरजपुर जिला प्रशासन ने यह बड़ी चोट की है। खनिज अधिकारियों का साफ कहना है कि मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस तरह के औचक निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाइयां पूरे सरगुजा संभाग में और तेज की जाएंगी, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

