नन्हीं मानविका के सपनों को मिला स्नेहिल स्पर्श: मुख्यमंत्री ने गोद में उठाकर पहनाया चश्मा, डॉक्टर बनने का बढ़ाया हौसला…NV News
Share this
जशपुर (3 मई 2026)। सुशासन तिहार के दौरान प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय का एक बेहद संवेदनशील और आत्मीय रूप सामने आया। दौरे के दौरान जब मुख्यमंत्री की नजर 4 वर्षीय नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी, तो उन्होंने सुरक्षा और प्रोटोकॉल को किनारे रखकर उसे सहज भाव से अपनी गोद में उठा लिया। मुख्यमंत्री की इस सादगी ने वहां मौजूद ग्रामीणों का दिल जीत लिया और पूरे माहौल में अपनत्व की मिठास घुल गई।
मुख्यमंत्री ने जब मुस्कुराते हुए नन्हीं मानविका से उसकी पसंद और भविष्य के बारे में पूछा, तो बच्ची ने बड़े आत्मविश्वास के साथ तुतलाते हुए कहा— “मुझे डॉक्टर बनना है।” मासूम की यह बात सुनकर मुख्यमंत्री के चेहरे पर एक गौरवमयी मुस्कान आ गई। उन्होंने बच्ची को दुलारते हुए न केवल आशीर्वाद दिया, बल्कि अपना चश्मा निकालकर बड़े प्यार से उसे पहना दिया। यह क्षण केवल एक मुलाकात नहीं, बल्कि एक भविष्य के सपने को राज्य के सर्वोच्च पद से मिला प्रोत्साहन बन गया।
मानविका की माँ, श्रीमती दीपांजलि चौहान ने इस भावुक पल को अपने जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का एक साधारण ग्रामीण बच्ची के प्रति इतना गहरा लगाव देखकर वे अभिभूत हैं। मुख्यमंत्री ने जिस तरह से उनकी बेटी का हौसला बढ़ाया, उससे अब उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी बेटी का डॉक्टर बनने का सपना जरूर सच होगा। यह मुलाकात अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह पहल दर्शाती है कि एक कुशल प्रशासक वही है जो सत्ता की व्यस्तताओं के बीच भी मासूमों की हंसी और उनके सपनों के लिए समय निकाले। शासन और जनता के बीच के इस आत्मीय जुड़ाव ने यह संदेश दिया है कि वर्तमान सरकार हर नागरिक, विशेषकर बच्चों के भविष्य को लेकर कितनी गंभीर और संवेदनशील है।

