Chhattisgarh Heatwave: छत्तीसगढ़ में आसमान से बरस रही आग! रायपुर-बिलासपुर में पारा 43 डिग्री के पार, बिजली कटौती ने बढ़ाई मुश्किलें…NV News

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NV News- Raipur छत्तीसगढ़ में गर्मी ने अब जानलेवा रूप अख्तियार कर लिया है। प्रदेश के प्रमुख शहरों, विशेषकर रायपुर और बिलासपुर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर को पार कर गया है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों ने लोगों का घर से निकलना दूभर कर दिया है। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लू के कारण अस्पतालों में डिहाइड्रेशन व हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है।

इस भीषण तपिश के बीच छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अघोषित बिजली कटौती (Power Cut) ने आग में घी डालने का काम किया है। रायपुर के कई मोहल्लों और बिलासपुर के रिहायशी इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने से आम जनता का हाल बेहाल है। कूलर और एसी जैसे उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग के अनुसार, बढ़ते लोड और तकनीकी खराबी की वजह से सप्लाई में दिक्कत आ रही है, लेकिन चिलचिलाती गर्मी में पानी और बिजली की किल्लत ने जनजीवन को बेकाबू कर दिया है।

प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है और लोगों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक विशेष सावधानी बरतने को कहा है। स्कूलों की छुट्टियाँ पहले ही कर दी गई हैं, लेकिन कामकाजी लोगों के लिए यह मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं है। बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों और नारियल पानी की मांग बढ़ गई है, वहीं प्रशासन द्वारा जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था की जा रही है। लू की चपेट में आने से बचने के लिए सिर और चेहरे को ढंक कर रखने और अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जा रही है।

रायपुर और बिलासपुर के अलावा दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव में भी तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। बिजली कटौती को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है, क्योंकि रात के समय भी उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि चक्रवाती हवाओं के प्रभाव और नमी की कमी के कारण लू का असर और तेज हो सकता है। यदि जल्द ही मानसून पूर्व की फुहारें नहीं पड़ीं, तो हालात और भी चिंताजनक हो सकते हैं। फिलहाल, पूरा प्रदेश प्रकृति के इस उग्र रूप के सामने बेबस नजर आ रहा है।

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