चिंतन शिविर 3.0: डिजिटल गवर्नेंस और कृषि समृद्धि से तैयार होगी विकसित छत्तीसगढ़ की रूपरेखा…NV News
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NV News Raipur- विष्णु देव साय सरकार ने शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ का आयोजन किया। सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्यों और देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए दूरदर्शी नीतियों पर गहन मंथन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शिविर केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं है, बल्कि प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में निरंतर सुधार और नवाचार का एक मजबूत माध्यम बन चुका है।
शिविर के पहले दिन नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियों और कृषि समृद्धि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने मूल्य-आधारित नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासन पर जोर दिया, जबकि नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने एआई, ड्रोन, ब्लॉकचेन और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए नागरिक-केंद्रित सेवाएं बेहतर बनाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। वहीं, कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद और टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और बाजार संपर्क के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के व्यावहारिक सुझाव साझा किए।
पिछले चिंतन शिविरों की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इनके परिणामस्वरूप मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु जैसे बड़े नवाचार धरातल पर उतरे हैं। वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से नागरिकों को 36 विभागों की 520 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं त्वरित और पारदर्शी रूप से मिल रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त निष्कर्ष विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में सुशासन, विभागीय समन्वय और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे।

