छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 9 बड़े फैसले: 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन, नई स्टार्टअप और क्लाउड पॉलिसी को भी मिली मंजूरी…NV News
Share this
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, सुरक्षा और उद्यमिता से जुड़े 9 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा निर्णय नशाखोरी के खिलाफ जंग को लेकर रहा। सरकार ने प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। इसके लिए बजट में 100 नए पदों के सृजन का भी प्रावधान किया गया है, जिससे नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर लगाम कसी जा सकेगी।
सुरक्षा के साथ-साथ राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति’ और ‘छत्तीसगढ़ क्लाउड नीति 2026’ को हरी झंडी दे दी है। इस नई स्टार्टअप नीति के तहत स्थानीय उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा, जबकि क्लाउड पॉलिसी के माध्यम से डेटा सुरक्षा और आईटी सेवाओं में निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और छत्तीसगढ़ आईटी हब के रूप में उभरेगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कैबिनेट ने नवा रायपुर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि ‘नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज’ (NMIMS) को 90 साल की लीज पर देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर करने की स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत नवा रायपुर में चार नए उद्यमिता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र अगले 5 वर्षों में 133 से अधिक स्टार्टअप्स को मदद प्रदान करेंगे।
कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रयोगशालाओं के प्रभावी संचालन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत अब सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और निर्धारित मानकों के अनुसार टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, राज्य आबकारी नीति 2026-27 के प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक सहमति दी गई है, जिसमें राजस्व बढ़ाने और अवैध शराब पर नियंत्रण के कड़े प्रावधान शामिल हैं।
बैठक में किसानों के लिए धान खरीदी की तिथि को 5 फरवरी तक बढ़ाने के पूर्व निर्णय पर चर्चा की गई और आगामी सत्रों के लिए कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने के प्रस्तावों को भी सुना गया। कैबिनेट के इन 9 फैसलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार का ध्यान न केवल कानून व्यवस्था को सख्त करने पर है, बल्कि वह भविष्य की तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में निवेश कर ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की नींव रख रही है।
