ग्रामीणों की गृह मंत्री से अनोखी मांग: बोले- ‘सड़क नहीं बनवा सकते तो हमारे गांव के लिए हेलीकॉप्टर दे दें’…NV News
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NV News-सुकमा। छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से एक बेहद हैरान और सोचने पर मजबूर कर देने वाला मामला सामने आया है। केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की डेडलाइन के करीब दो महीने बीत जाने के बाद, सुकमा के एक सुदूर वनांचल गांव के ग्रामीणों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एक बेहद अनोखी और तल्ख मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार या तो उनके गांव तक पक्की सड़क बनवा दे, और अगर सड़क बनाना मुमकिन नहीं है, तो आपातकालीन आवाजाही के लिए उन्हें गांव में ही हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कर दी जाए।
विकास के दावों के बीच बुनियादी सुविधाओं की मांग
हिंदुस्तान समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार लगातार दावा कर रही हैं कि नक्सलवाद पर कड़े प्रहार के बाद अंदरूनी और सुदूर क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य (Infrastructure Development) पहुंचाए जा रहे हैं। इसी बीच सुकमा के इस गांव के लोगों ने अपनी व्यथा और बुनियादी जरूरत को रेखांकित करने के लिए यह नायाब तरीका अपनाया:
सड़क विहीन गांव की मजबूरी: ग्रामीणों का दर्द है कि आज भी उनके क्षेत्र में पक्की सड़कें नहीं हैं। बारिश के दिनों में या किसी मेडिकल इमरजेंसी के वक्त गांव का संपर्क मुख्य मार्ग और अस्पतालों से पूरी तरह कट जाता है।
अजीब मांग के पीछे की असली वजह: ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने हेलीकॉप्टर की मांग मजाक में नहीं, बल्कि अपनी लाचारी को बयां करने के लिए की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन सड़कों का जाल बिछाने में असमर्थ है, तो हवाई मार्ग ही उनके पास एकमात्र विकल्प बचता है ताकि गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
नक्सलवाद की डेडलाइन बीतने के बाद बढ़ी उम्मीदें
बदलाव का इंतजार: गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट किया था कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से वामपंथी उग्रवाद (Naxalism) का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा और उन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता से पहुंचाई जाएंगी।
अब जब नक्सलवाद बैकफुट पर है, तो ग्रामीणों की उम्मीदें भी प्रशासन से काफी बढ़ गई हैं। सुकमा के ग्रामीणों द्वारा गृह मंत्री अमित शाह के नाम उठाई गई यह मांग इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सुरक्षा बलों की कैंप स्थापना के बाद अब स्थानीय लोग बिना किसी डर के अपनी लोकतांत्रिक मांगों को मजबूती से सरकार के सामने रख रहे हैं। जिला प्रशासन अब इस क्षेत्र में सड़क निर्माण के कार्यों को गति देने की योजना बना रहा है।

