जीपीएम में प्रशासनिक सर्जरी: कामकाज सुधारने के लिए कलेक्टर का बड़ा कदम, जिला पंचायत सीईओ और एसडीएम समेत कई अधिकारी बदले…NV News
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गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही/रायपुर, 4 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले से इस वक्त की एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। जिला प्रशासन ने शासकीय कामकाज में कसावट लाने, योजनाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने और कार्यालयीन व्यवस्था को अधिक दुरुस्त व प्रभावी बनाने के लिहाज से एक बड़ा फेरबदल किया है।
जीपीएम कलेक्टर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत जिले के कई शीर्ष और मैदानी अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया गया है। इस बड़े फेरबदल की जद में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), अपर कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM), तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी आए हैं।
कामकाज की रफ्तार बढ़ाने के लिए उठाया कदम
प्रशासनिक गलियारों से मिली जानकारी के अनुसार, नवगठित और आदिवासी बहुल इस जिले में विकास कार्यों की गति को तेज करने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए यह सर्जरी की गई है।
नई जिम्मेदारियां: लंबे समय से एक ही प्रभार संभाल रहे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि मैदानी स्तर पर शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन और बेहतर ढंग से हो सके।
सख्त संदेश: कलेक्टर के इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की सुस्ती या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इन पदों पर हुआ प्रभार में बदलाव:
अपर कलेक्टर व सीईओ जिला पंचायत: जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर समन्वय को मजबूत करने के लिए इनके विभागों और प्रभारों को पुनर्गठित किया गया है।
एसडीएम (SDM) स्तर पर बदलाव: अनुविभागों की कमान संभाल रहे राजस्व अधिकारियों के क्षेत्रों में बदलाव किया गया है, ताकि कानून व्यवस्था और भू-राजस्व के मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।
तहसीलदार और नायब तहसीलदार: जमीनी स्तर पर राजस्व प्रशासन का मुख्य चेहरा माने जाने वाले तहसीलदारों के प्रभार बदले गए हैं, जिससे किसानों और आम लोगों के नामांतरण, बंटवारा व सीमांकन जैसे काम आसान हो सकें।
आदेश तत्काल प्रभाव से लागू: कलेक्टर कार्यालय से जारी सूची के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे बिना किसी विलंब के अपने वर्तमान प्रभार सौंपकर नए तैनाती स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करें और इसकी सूचना जिला मुख्यालय को प्रेषित करें। आदेश जारी होने के बाद से ही कलेक्ट्रेट समेत तमाम महकमों में प्रभार सौंपने और नए प्रभार लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

