गरियाबंद में हैवानियत: चरित्र पर उंगली उठाने से भड़कीं सहेलियां, महिला के प्राइवेट पार्ट में डाली मिर्च और सीने पर कूदकर ले ली जान…NV News
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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली एक खबर सामने आई है। यहां के मैनपुर विकासखंड में दो महिलाओं ने मिलकर अपनी ही सहेली की ऐसी खौफनाक हत्या की, जिसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए। आरोपियों ने पहले महिला के प्राइवेट पार्ट में लाल मिर्च का पाउडर डाला और जब वह दर्द से तड़पते हुए भागने की कोशिश करने लगी, तो दोनों महिलाएं उसके सीने पर चढ़ गईं और लात-घूसों व लाठियों से पीट-पीटकर उसकी जान ले ली।
यह मामला शोभा थाना क्षेत्र के ग्राम गरीबा का है। पुलिस के मुताबिक, मृतिका सुमित्रा नेताम (37 वर्ष) और आरोपी महिलाएं सुगतिन नेताम (36 वर्ष) व ईतवारिन बाई (46 वर्ष) आपस में सहेलियां थीं और उनका एक-दूसरे के घर आना-जाना था। लेकिन पिछले कुछ समय से इनके बीच विवाद बढ़ गया था। आरोपियों का कहना है कि सुमित्रा गांव में घूम-घूमकर उनके चरित्र पर लांछन लगाती थी और उनका नाम दूसरे मर्दों के साथ जोड़कर उन्हें बदनाम कर रही थी।
चरित्र पर उठी उंगली और समाज में हो रही बदनामी का बदला लेने के लिए दोनों महिलाओं ने सुमित्रा को तड़पा-तड़पा कर मारने की योजना बनाई। मंगलवार को जब सुमित्रा अपने खेत की लारी (झोपड़ी) में अकेली थी, तब आरोपियों ने वहां धावा बोल दिया। उन्होंने पहले उसे दबोचा और फिर उसके गुप्त अंग में मिर्च पाउडर व अन्य ज्वलनशील पदार्थ डाल दिए। सुमित्रा दर्द से चीखती रही, लेकिन पत्थर दिल हो चुकी सहेलियों को जरा भी तरस नहीं आया।
अमानवीय यातनाएं देने के बाद, जब सुमित्रा अधमरी हो गई, तो दोनों महिलाएं बारी-बारी से उसके सीने पर कूदीं और अंदरूनी चोटें पहुंचाईं। इसके बाद लाठियों और लात-घूसों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों आरोपी महिलाओं को हिरासत में ले लिया है। दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।
शोभा थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर गंभीर चोटों और मिर्च पाउडर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। पुलिस ने हत्या की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना ने पूरे गरियाबंद जिले को स्तब्ध कर दिया है कि किस तरह मामूली विवाद और बदनामी के डर ने महिलाओं को इतना हिंसक बना दिया कि उन्होंने अपनी ही सहेली को हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए मार डाला।
