Bastar News: वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से कांगेर घाटी में NH-30 के चौड़ीकरण का मार्ग प्रशस्त…NV News
Share this
NV News रायपुर/बस्तर। बस्तर में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से गुजरने वाले NH-30 के 6.010 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण की प्रक्रिया अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। परियोजना के लिए 8.386 हेक्टेयर वन भूमि के गैर-वानिकी उपयोग को लेकर प्रथम चरण की सशर्त सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। अब द्वितीय चरण की अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
NH-30 Upgrade: 6 किलोमीटर सड़क का होगा उन्नयन
जगदलपुर–सुकमा–कोंटा मार्ग के अंतर्गत NH-30 के किलोमीटर 25.530 से 31.540 तक के हिस्से का उन्नयन प्रस्तावित है। सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से जगदलपुर से सुकमा और कोंटा की ओर आने-जाने वाले लोगों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, नागपुर ने 13 अक्टूबर 2025 को परियोजना के लिए प्रथम चरण की सशर्त सैद्धांतिक स्वीकृति दी थी। इसके बाद निर्धारित वन एवं पर्यावरणीय शर्तों के अनुपालन की प्रक्रिया पूरी की गई।
Forest Clearance: दूसरे चरण की मंजूरी के लिए भेजा प्रस्ताव
शर्तों के अनुपालन से संबंधित प्रतिवेदन 23 जून 2026 को प्रस्तुत किया गया। इसके बाद वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने 8 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार के संबंधित कार्यालय को द्वितीय चरण की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा। वहीं 10 जुलाई 2026 को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के कार्यालय से भी आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
परियोजना के लिए निर्धारित क्षतिपूरक वनीकरण और अतिरिक्त क्षतिपूरक वनीकरण की राशि भी जमा की जा चुकी है। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद सड़क निर्माण से जुड़े स्थायी कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।
Environment Protection: विकास के साथ जैव-विविधता संरक्षण पर जोर
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान बस्तर की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है। इसलिए सड़क परियोजना को आगे बढ़ाते समय वन, वन्यजीव और पर्यावरण से जुड़े सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन किया जा रहा है। सरकार का जोर सड़क अधोसंरचना के विकास के साथ क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और जैव-विविधता के संरक्षण पर भी है।
Tourism & Connectivity: पर्यटन और व्यापार को भी मिलेगा लाभ
NH-30 के इस हिस्से के उन्नयन से बस्तर के दक्षिणी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। सड़क सुविधा मजबूत होने से स्थानीय आवागमन के साथ पर्यटन, व्यापार, प्रशासनिक पहुंच और आर्थिक गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है। दूरस्थ क्षेत्रों को प्रमुख शहरी केंद्रों से जोड़ने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए बेहतर सड़क संपर्क जरूरी है। उन्होंने कहा कि NH-30 के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण की प्रक्रिया सभी वैधानिक एवं पर्यावरणीय प्रावधानों का पालन करते हुए आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कांगेर घाटी की प्राकृतिक धरोहर, वन्यजीव और जैव-विविधता के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि परियोजना अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। अंतिम वन स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित 6.010 किलोमीटर हिस्से के निर्माण कार्य को गति मिलने की संभावना है।

