कभी बंदूकें लेकर जंगलों में घूमती थीं, अब रैंप वॉक पर उतरीं पूर्व महिला नक्सली: सीएम ने भी बजाईं तालियां…NV News

Share this

रायपुर, 13 अगस्त 2026 : बस्तर के दुर्गम और घने जंगलों में कभी जिनके हाथों में बंदूकें होती थीं और जिनके नाम से इलाका थर्राता था, वही महिलाएं आज बदलाव की एक नई और खूबसूरत इबारत लिख रही हैं। हिंसा का रास्ता त्यागकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुईं पूर्व महिला नक्सलियों ने राजधानी रायपुर में आयोजित एक विशेष फैशन शो में रैंप वॉक कर सभी को हैरत में डाल दिया। मौका था ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ (National Handloom Day) के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य सांस्कृतिक एवं फैशन कार्यक्रम का, जहां पारंपरिक हथकरघा परिधानों में सजी-धजी इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ कैटवॉक किया।

हथकरघा और राज्य की समृद्ध लोक-संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित रहे। जैसे ही हथकरघा से तैयार रंग-बिरंगे पारंपरिक वस्त्रों को पहनकर पूर्व महिला नक्सली मंच पर रैंप वॉक के लिए उतरीं, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाते हुए इन महिलाओं के साहस, परिवर्तन और नए जीवन की दिशा में बढ़ाए गए कदमों का जमकर उत्साहवर्धन किया।

मुख्यधारा में वापस लौटने के बाद ये महिलाएं अब पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और बुनकरों द्वारा तैयार हथकरघा वस्त्रों के प्रचार-प्रसार का चेहरा बनी हैं। पूर्व नक्सलियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बंदूक छोड़ शांति और सम्मान का जीवन जीना ही सच्चा विकास है। शासन की नीतियों और समाज के सहयोग से वे अब अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर एक नए और उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा चुकी हैं।

Share this

You may have missed