Court News : बिलासपुर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: दूसरों के मैरिज रजिस्ट्रेशन और निजी दस्तावेज RTI में नहीं मिलेंगे…NV News
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NV News बिलासपुर, 5 अगस्त। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (बिलासपुर हाई कोर्ट) ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम 2005 और नागरिकों के निजता के अधिकार (Right to Privacy) को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट के जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की एकलपीठ ने एक मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति के विवाह पंजीयन आवेदन, जन्मतिथि, निवास का पता, फोटो और पहचान पत्र जैसे व्यक्तिगत व गोपनीय डेटा को आरटीआई के तहत किसी तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) को प्रदान नहीं किया जा सकता।
हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि जब तक किसी निजी जानकारी को मांगने के पीछे कोई बड़ा और व्यापक जनहित या लोकहित (Public Interest) न जुड़ा हो, तब तक किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। अदालत ने जोर देकर कहा कि आरटीआई कानून का उद्देश्य पारदर्शिता लाना है, लेकिन इसका उपयोग किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन में दखल देने या उसकी निजता का हनन करने के लिए नहीं किया जा सकता।
उच्च न्यायालय का यह फैसला आरटीआई आवेदकों द्वारा दूसरों की व्यक्तिगत जानकारियां मांगने की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस आदेश के बाद अब राज्य के सभी सरकारी विभागों और जन सूचना अधिकारियों (PIO) के लिए किसी व्यक्ति के मैरिज रजिस्ट्रेशन और अन्य व्यक्तिगत दस्तावेजों को आरटीआई के तहत सीधे तौर पर सार्वजनिक करना प्रतिबंधित रहेगा। कानूनी विशेषज्ञों ने इस फैसले को निजता के अधिकार की सुरक्षा के लिए बेहद अहम बताया है।

