Agriculture News : छत्तीसगढ़ में निराश्रित मवेशियों के संरक्षण के लिए बड़ी पहल, प्रदेशभर में स्थापित किए जाएंगे 1,460 ‘गौधाम’…NV News

Share this

रायपुर, 5 अगस्त। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में घुमंतू और बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय देने, गौ-संरक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य भर में कुल 1,460 गौधामों की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है। छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग द्वारा योजना के क्रियान्वयन को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में 10-10 उत्कृष्ट गौठानों का चयन कर उन्हें सर्वसुविधायुक्त गौधाम के रूप में विकसित किया जाएगा।

योजना के प्रथम चरण में राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप स्थित गौठानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे सड़कों पर होने वाले हादसों और मवेशियों के कारण लगने वाले जाम पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। अब तक प्राप्त 408 आवेदनों में से 151 को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 88 गौधामों का पंजीयन पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में संचालित 42 गौधामों में 5 हजार से अधिक निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय देकर उनका पालन-पोषण किया जा रहा है।

गौधामों का सफल संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs), पंजीकृत गौशालाओं, एफपीओ (FPO), ट्रस्ट और ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा। हाल ही में पशुधन विकास विभाग ने नियमों में संशोधन करते हुए ग्राम पंचायतों और शहरी गौठानों को भी इस योजना में शामिल किया है। चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाते हुए कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति के भौतिक सत्यापन के बाद ही अंतिम स्वीकृति जारी की जा रही है। इस पहल से ग्रामीण अंचल में जैविक खेती और कृषि आधारित उद्योगों को भी नया बल मिलेगा।

Share this

You may have missed