Janjgir Muskan Marriage: जिस दूल्हे को शराबी कहकर लौटाई थी बारात, अब उसी युवक से मंदिर में रचाई शादी; जांजगीर की मुस्कान की कहानी में आया चौंकाने वाला मोड़…NV News

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NV News जांजगीर-चांपा, 10 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक ऐसा हैरान कर देने वाला और फिल्मी यू-टर्न सामने आया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है। हाल ही में सामाजिक साहस और आत्मसम्मान की एक बड़ी मिसाल बनकर पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरने वाली मुस्कान प्रधान एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। जिस युवक की बारात को मुस्कान ने ‘शराबी’ कहकर दरवाजे से बैरंग लौटा दिया था, अब उसी युवक के साथ उन्होंने मंदिर में सात फेरे लेकर शादी रचा ली है।

इस अप्रत्याशित फैसले के बाद क्षेत्र में यह अनोखी शादी टॉक ऑफ द टाउन बनी हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद पुरानी सभी गलतफहमियां दूर हो गई हैं, जिसके बाद दोनों ने जीवनभर के लिए एक-दूसरे का हाथ थाम लिया।

क्या था पूरा मामला और कैसे बदला मुस्कान का फैसला?

यह पूरी कहानी पिछले महीने शुरू हुई थी, जिसमें अब एक सुखद मोड़ आ गया है:

23 जून की वो घटना: बीते 23 जून को संतराम नाम का युवक बारात लेकर मुस्कान के घर पहुंचा था। उस दौरान आरोप लगा था कि दूल्हा शराब के नशे में धुत था। इस पर मुस्कान ने अपने आत्मसम्मान से समझौता न करते हुए शादी से साफ इनकार कर दिया था और बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा था। मुस्कान के इस साहसिक कदम की सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक हलकों तक में जमकर सराहना हुई थी।

गलतफहमियां हुईं दूर: बारात लौटने के बाद दोनों परिवारों और युवक-युवती के बीच दोबारा बातचीत का दौर शुरू हुआ। इस दौरान यह बात सामने आई कि उस दिन की स्थिति के पीछे कुछ गंभीर गलतफहमियां थीं।

युवक का पश्चाताप और संकल्प: सूत्रों के मुताबिक, युवक संतराम को भी अपनी कमियों का अहसास हुआ और उसने मुस्कान के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट की। जब मुस्कान को लगा कि युवक वास्तव में अपनी गलतियों को सुधारने और भविष्य में बेहतर जीवनसाथी बनने के लिए तैयार है, तो उन्होंने पुरानी बातों को भुलाकर आगे बढ़ने का फैसला किया।

शादगी के साथ मंदिर में संपन्न हुई शादी

दोनों परिवारों की आपसी सहमति और युवक-युवती की रजामंदी के बाद यह विवाह किसी बड़े मैरिज गार्डन या तामझाम के बजाय एक स्थानीय मंदिर में बेहद सादगी के साथ संपन्न कराया गया। इस विवाह में केवल परिवार के बेहद करीबी सदस्य ही शामिल हुए। मुस्कान ने एक बार फिर साबित किया कि वे जहां गलत के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत रखती हैं, वहीं यदि कोई अपनी गलती का सुधार करना चाहे, तो उसे माफ कर जिंदगी की नई शुरुआत करने की परिपक्वता भी उनमें है।

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