नकटी मामले पर कांग्रेस के आरोप भ्रामक, जमीन आबंटन की प्रक्रिया बघेल सरकार में शुरू हुई थी: केदार कश्यप….NV News

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रायपुर, 66 जुलाई 2026। रायपुर के नकटी ग्राम अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने सोमवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में एक विशेष प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नकटी ग्राम प्रकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार पर लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। कांग्रेस तथ्यों को छिपाकर जनता के बीच केवल भ्रम फैलाने और सरकार की छवि खराब करने का असफल प्रयास कर रही है।

कांग्रेस शासनकाल में ही शुरू हुई थी प्रक्रिया: कश्यप

मंत्री केदार कश्यप ने राजस्व रिकॉर्ड के हवाले से बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि जिस जमीन को लेकर आज कांग्रेस राजनीति की रोटियां सेंकने का प्रयास कर रही है, उसके आबंटन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2020 को तत्कालीन कांग्रेस (भूपेश बघेल) सरकार के कार्यकाल में ही प्रारंभ हुई थी।

बढ़ता गया अतिक्रमण: यह भूमि हाउसिंग बोर्ड को आबंटित की जानी प्रस्तावित थी, लेकिन कांग्रेस शासन के दौरान ही इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे बढ़ते चले गए और अतिक्रमण लगभग 3 हेक्टेयर से बढ़कर 15 हेक्टेयर तक फैल गया।

पूरा गांव उजाड़ने का दावा असत्य: उन्होंने स्पष्ट किया कि नकटी गांव के कुल 17 वार्डों में से केवल एक वार्ड के उस हिस्से में कार्रवाई की गई है, जहां सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा था। पूरे गांव को उजाड़ने का दुष्प्रचार जानबूझकर किया जा रहा है।

भाजपा और कांग्रेस सरकार के दृष्टिकोण में अंतर

सेरीखेड़ी बनाम नकटी मॉडल: वन मंत्री ने कांग्रेस को उनका पिछला कार्यकाल याद दिलाते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार के समय ग्राम सेरीखेड़ी में लगभग 150 गरीब परिवारों को बलपूर्वक बेघर कर दिया गया था, तब न तो उनका पुनर्वास किया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था दी गई। इसके विपरीत, वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नकटी के प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं, उन्हें मकानों की चाबियां सौंपी हैं और सम्मानपूर्वक नए घरों तक पहुंचाया है।

विधायक कॉलोनी का आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत

कांग्रेस के उस आरोप को भी वन मंत्री ने सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि इस जमीन पर विधायक कॉलोनी बनाई जाएगी। केदार कश्यप ने साफ किया कि इस भूमि के उपयोग को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वर्तमान में यह जमीन पूरी तरह से राजस्व विभाग के अधीन है और भविष्य में इसका उपयोग हाउसिंग बोर्ड तथा अन्य सक्षम विभागों द्वारा केवल नियमानुसार ही तय किया जाएगा।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत दी कि वे गरीबों को भड़काकर सामाजिक वातावरण बिगाड़ने की राजनीति बंद करें। इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा के प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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