Political News:- बढ़े बिजली बिलों को लेकर भड़की कांग्रेस: पीसीसी चीफ दीपक बैज का भाजपा पर बड़ा हमला, तीन चरणों में प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों में हुई हालिया बढ़ोतरी ने राज्य के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय (राजीव भवन) में आयोजित एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। पीसीसी चीफ ने सरकार द्वारा लगातार पांचवीं बार बिजली बिलों में की गई वृद्धि को जनविरोधी करार देते हुए इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में तीन चरणों में उग्र और योजनाबद्ध आंदोलन करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए दीपक बैज ने आंकड़ों का हवाला देकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस नए फैसले से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट और कमर्शियल (व्यावसायिक), गैर-घरेलू व किसानों के लिए भी 40 पैसे प्रति यूनिट की सीधी बढ़ोतरी की गई है। बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के महज अब तक के कार्यकाल में ही जनता पर पांच बार बिजली का आर्थिक बोझ लादकर उनकी कमर तोड़ दी गई है, जिससे प्रदेश का हर वर्ग त्रस्त और आक्रोशित है।
बिजली दरों के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य में लगाए जा रहे ‘स्मार्ट मीटर’ (Smart Meter) प्रोजेक्ट को लेकर भी भाजपा सरकार पर बड़े वित्तीय घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रीपेड और स्मार्ट मीटर के नाम पर गरीब उपभोक्ताओं का शोषण करने की तैयारी की जा रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार के इस तानाशाही रवैये के खिलाफ कांग्रेस के कार्यकर्ता अब घर-बैठने के बजाय सड़क पर उतरेंगे। तीन चरणों में होने वाले इस आंदोलन के तहत ब्लॉक, जिला और अंत में प्रदेश स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा।
इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बिजली की बढ़ी हुई दरें वापस नहीं ली जातीं और स्मार्ट मीटर के फैसले पर रोक नहीं लगती, तब तक उनका यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से ही कांग्रेस संगठन ने अपने सभी आनुषंगिक संगठनों, विधायकों और पूर्व प्रत्याशियों को मैदानी स्तर पर प्रदर्शन की तैयारियां शुरू करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में राज्य की कानून-व्यवस्था और सियासत दोनों में हलचल मचना तय है।

