कलेक्टोरेट में फूटा सिस्टम का क्रूर मजाक: महतारी वंदन योजना बंद होने पर जिंदा महिला खुद को साबित करने पहुंची जनदर्शन…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक कलेक्टर जनदर्शन में एक ऐसा अजीबो-गरीब और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी तंत्र की लापरवाही को उजागर कर दिया है। यहां एक जीवित महिला को शासकीय दस्तावेजों और ऑनलाइन पोर्टल पर ‘मृत’ (Dead) घोषित कर दिया गया है। इस लापरवाही का खामियाजा महिला को यह भुगतना पड़ रहा है कि उसे राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय ‘महतारी वंदन योजना’ का लाभ मिलना अचानक बंद हो गया है। अब यह बेबस महिला अपने बेटे का हाथ पकड़कर खुद के जिंदा होने का सबूत देने के लिए कलेक्टोरेट और जिला प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।
अधिकारियों के सामने खड़ी होकर बोली- ‘साहब, मैं जिंदा हूं, मेरी किस्त चालू कर दो’
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला हर महीने नियमित रूप से महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली ₹1000 की आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसके बैंक खाते में राशि आनी बंद हो गई। जब महिला ने कलेक्टोरेट के संबंधित विभाग और बैंक से इस बारे में पूछताछ की, तो वहां से मिले जवाब ने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी। रिकॉर्ड में उसे मृत दर्ज कर दिया गया था। सिस्टम की इस बड़ी त्रुटि को सुधारने और न्याय पाने के लिए महिला सीधे कलेक्टर जनदर्शन में जा पहुंची और अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर गुहार लगाई कि कागजों के फेर में उसे जिंदा रहते हुए भी मार दिया गया है।
मुख्यमंत्री की सुशासन नीति को अधिकारियों की लापरवाही से लग रहा झटका
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन सरकार प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना का संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ कर रही है। कैबिनेट और कलेक्टोरेट स्तर पर हर पात्र महिला तक लाभ पहुंचाने के सख्त निर्देश हैं, लेकिन मैदानी स्तर पर बैठे कर्मचारियों की इस तरह की गंभीर लापरवाही सरकार के दावों पर सवालिया निशान खड़े करती है। इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए जनदर्शन में मौजूद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित जनपद पंचायत और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्टोरेट प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि महिला के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर तकनीकी खराबी को 24 घंटे के भीतर सुधारा जाएगा और उसकी रुकी हुई किस्तों का भुगतान जल्द से जल्द बहाल किया जाएगा।

