बंदूक छोड़ बसा रहे घर: बस्तर में सरेंडर नक्सलियों की मुफ्त सर्जरी, ‘वेसक्टॉमी रिवर्सल’ से अब गूंज सकेगी बच्चों की किलकारी…NV News

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NV News- बस्तर संभाग से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास और उनके जीवन को नई दिशा देने की एक बेहद भावुक और अनोखी कहानी सामने आई है। नक्सल संगठन का हिस्सा रहने के दौरान अनिवार्य रूप से नसबंदी का शिकार हुए पूर्व माओवादी अब एक सामान्य नागरिक की तरह घर-परिवार बसाने की इच्छा रख रहे हैं। उनकी इसी मानवीय इच्छा को पूरा करने के लिए जगदलपुर के महारानी अस्पताल में एक विशेष मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया है। यहाँ इन सरेंडर कर चुके नक्सलियों की नसबंदी को वापस ठीक करने के लिए ‘वेसक्टॉमी रिवर्सल’ (Vasectomy Reversal) सर्जरी पूरी तरह निशुल्क की जा रही है।

इस अनूठी पहल के पीछे का मुख्य उद्देश्य इन युवाओं को पूरी तरह से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें एक खुशहाल पारिवारिक जीवन का अधिकार देना है। दरअसल, नक्सली संगठनों में शामिल होने वाले पुरुषों पर यह दबाव होता है कि वे परिवार न बढ़ाएं, जिसके कारण उनकी जबरन नसबंदी करा दी जाती है। अब जब ये लोग हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, तो शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर उनके जीवन के सूनेपन को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। इस मुफ्त सर्जरी के बाद अब इन परिवारों के घरों में भी बच्चों की किलकारी गूंजने की उम्मीद जग गई है।

अस्पताल में आयोजित इस विशेष कैंप को लेकर आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों और उनके जीवनसाथी में एक नई उम्मीद और भारी उत्साह देखा जा रहा है। डॉक्टरों की विशेष टीम इस बेहद जटिल और संवेदनशील सर्जरी को सफलता पूर्वक अंजाम दे रही है। बस्तर में शांति और पुनर्वास की दिशा में उठाए गए इस मानवीय कदम की हर तरफ जमकर सराहना हो रही है, क्योंकि यह पहल न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी इन भटके हुए युवाओं को एक नई जिंदगी और सम्मान दे रही है।

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