छत्तीसगढ़ की राजनीति में अनूठी मिसाल: उपमुख्यमंत्री अरुण साव बने दूल्हे राजा विधायक दीपेश साहू के सारथी, बैलगाड़ी पर निकली बारात…NV News
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NV News- Raipur छत्तीसगढ़ की राजनीति और सामाजिक समरसता के इतिहास में एक बेहद अनोखी और ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) अरुण साव ने सादगी की एक नई मिसाल पेश करते हुए बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू की बारात में उनके सारथी (सारथि) की भूमिका निभाई। उपमुख्यमंत्री खुद बैलगाड़ी हांकते हुए दूल्हे राजा बने विधायक दीपेश साहू को लेकर विवाह स्थल तक पहुंचे। वीआईपी कल्चर से दूर इस बेहद जमीनी और पारंपरिक बारात की चर्चा और तारीफ अब देश और प्रदेश के हर कोने में जमकर हो रही है।
दरअसल, बेमेतरा में शासन की ओर से ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत एक विशाल सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस गरिमामयी और सादगीपूर्ण आयोजन में बेमेतरा के युवा विधायक दीपेश साहू ने भी एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इसी सामूहिक विवाह मंच पर परिणय सूत्र में बंधने का संकल्प लिया। अपनी शादी को फिजूलखर्ची से दूर रखने और आम जनता के बीच एक मिसाल कायम करने के लिए विधायक ने इस सामूहिक आयोजन को चुना। इसी विवाह समारोह में शिरकत करने और वर-वधु को आशीर्वाद देने के लिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव विशेष रूप से बेमेतरा पहुंचे थे।
विवाह की रस्मों के दौरान जब बारात निकलने की बारी आई, तो किसी महंगी लग्जरी कार के बजाय पारंपरिक छत्तीसगढ़ी बैलगाड़ी को सजाया गया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने खुद आगे बढ़कर बैलगाड़ी की कमान संभाली और सारथी बनकर विधायक दीपेश साहू को गरिमा के साथ विवाह मंडप की ओर लेकर बढ़े। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई उपमुख्यमंत्री इस तरह आम जनता के बीच बैलगाड़ी चलाकर किसी बारात का नेतृत्व कर रहा हो। इस सादगीपूर्ण और छत्तीसगढ़ी संस्कृति से सराबोर बारात को देखने के लिए सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस कदम ने न केवल सामूहिक विवाह योजना को बढ़ावा दिया है, बल्कि समाज को फिजूलखर्ची रोकने का एक बड़ा संदेश भी दिया है।

