थमा सियासी घमासान: प्रशासन के आश्वासन के बाद टीएस सिंहदेव और दीपक बैज ने समाप्त किया अनशन…NV News

Share this

NV News- सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पिछले तीन दिनों से जारी भारी राजनीतिक गतिरोध और तनाव आखिरकार बुधवार को समाप्त हो गया। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित वरिष्ठ नेताओं ने अपना आमरण अनशन और क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। इसके साथ ही पिछले 72 घंटों से चल रहा बड़ा राजनीतिक विवाद फिलहाल थम गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में जूस पीकर तोड़ा अनशन

सूरजपुर में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने मोर्चा खोल रखा था। बुधवार को इस मामले में प्रशासनिक हलके में तेजी से हलचल बढ़ी:

अधिकारियों की मैराथन बैठक: जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अमले ने अनशन स्थल पर पहुंचकर कांग्रेस के आला नेताओं से लंबी चर्चा की।

दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा: प्रशासन की ओर से पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों व अन्य पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया गया।

भूख हड़ताल समाप्त: इस ठोस आश्वासन से संतुष्ट होने के बाद टीएस सिंहदेव, दीपक बैज और अन्य स्थानीय नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जूस पीकर अपना अनशन खत्म किया।

क्या था पूरा विवाद जिसने बढ़ाई सूबे की सियासी तपिश?

विपक्ष की एकजुटता: दरअसल, सूरजपुर जिले में स्थानीय स्तर पर हुए एक विवाद और उसमें पुलिस द्वारा की गई एकतरफा कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने उग्र आंदोलन शुरू किया था। पार्टी का आरोप था कि पुलिस प्रशासन सत्तापक्ष के दबाव में काम कर रहा है। मामले को बड़ा रूप देते हुए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव खुद कड़ाके की धूप में अनशन पर बैठ गए थे, जिसके बाद दीपक बैज समेत बस्तर और सरगुजा के कई दिग्गज कांग्रेसी नेता सूरजपुर पहुंच गए थे।

इस अनशन के समाप्त होने से जिला प्रशासन ने बड़ी राहत की सांस ली है, क्योंकि इस आंदोलन के चलते पूरे सरगुजा संभाग में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर प्रशासन ने अपने वादे पूरे नहीं किए, तो वे दोबारा सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे।

Share this

You may have missed