‘सुशासन तिहार’ का आयोजन: शिविर में ही बने राशन कार्ड और मकान बनाने की मिली अनुमति…NV News
Share this
NV News- सुशासन और जनसेवा: रायपुर के सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नगर निगम जोन 4 के अंतर्गत आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर आमजनों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में रायपुर उत्तर और रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर की खास बात यह रही कि आवेदकों को राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत भवन अनुज्ञा पत्र (Building Permission) तत्काल बनाकर सौंपे गए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, निगम सभापति सूर्यकान्त राठौड़ और आयुक्त संबित मिश्रा उपस्थित रहे। शिविर के दौरान 20 पात्र हितग्राहियों को उनके सपनों का घर बनाने के लिए स्वीकृति पत्र दिए गए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नन्ही बालिकाओं का सम्मान, नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन और गर्भवती माताओं की गोद भराई जैसी रस्मों के जरिए शासन की योजनाओं को उत्सव के रूप में मनाया गया।
प्रमुख निर्देश और सुझाव:
विधायक सुनील सोनी का कड़ा रुख: उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘सुशासन तिहार’ कोई मीना बाजार या मेला नहीं है, बल्कि यह आमजन की समस्याओं के समाधान का मंच है। उन्होंने सुझाव दिया कि सफाई, पानी, स्ट्रीट लाइट और राशन कार्ड जैसी बुनियादी समस्याओं के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि लोगों को शिविर का इंतजार न करना पड़े और जोन कार्यालयों में ही त्वरित समाधान मिले।
विधायक पुरंदर मिश्रा की ई-पहल: रायपुर उत्तर विधायक ने पर्यावरण और देश हित का संदेश देते हुए बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ई-ऑटो रिक्शा खरीदा है। उन्होंने नागरिकों से पेट्रोल-डीजल बचाने और ई-वाहनों को अपनाने की अपील की।
सभापति सूर्यकान्त राठौड़ की चिंता: उन्होंने कहा कि छोटी-मोटी समस्याओं के लिए जनता का शिविरों में आना व्यवस्था पर सवाल उठाता है। निगम को हर जोन में ऐसी कार्यप्रणाली विकसित करनी चाहिए जिससे जनता के काम सुगमता से हों।
इस एक दिवसीय शिविर में दोपहर 1 बजे तक 212 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 17 शिकायतें थीं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी मांगों और शिकायतों का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर कर दिया जाएगा।

