खबर का असर: आधार बेस अटेंडेंस पर CMHO का यू-टर्न, अब सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य…NV News

Share this

राजनांदगांव: राजनांदगांव स्वास्थ्य विभाग में ‘आधार बेस्ड अटेंडेंस’ (AEBAS) को लेकर चल रहा विवाद 24 घंटे के भीतर सुलझ गया है। लल्लूराम डॉट कॉम पर खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने अपने पुराने आदेश में संशोधन कर दिया है। अब भेदभाव को खत्म करते हुए विभाग के सभी श्रेणी के कर्मचारियों के लिए आधार आधारित उपस्थिति को 100 प्रतिशत अनिवार्य कर दिया गया है।

क्या था पूरा विवाद?

इससे पहले CMHO कार्यालय द्वारा जारी आदेश में केवल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए ही आधार बेस्ड अटेंडेंस अनिवार्य की गई थी। इस आदेश से स्वास्थ्य विभाग के नियमित और अन्य मदों (जैसे DMF) में कार्यरत कर्मचारियों को बाहर रखा गया था। इस “दोहरे मापदंड” के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश था और उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।

संशोधित आदेश में क्या है?

मीडिया में मामला उछलने और कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए विभाग ने तत्काल कदम उठाया। नए आदेश के मुताबिक:

नियमित कर्मचारी, संविदा कर्मी, और डीएमएफ (DMF) के तहत कार्यरत सभी स्टाफ को अब बायोमेट्रिक मशीन पर आधार आधारित हाजिरी लगानी होगी।

100 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।

आदेश का पालन न करने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात भी कही गई है।

इस संशोधन के बाद कर्मचारी संगठनों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना था कि नियम सभी के लिए एक समान होने चाहिए। इस कार्रवाई को डिजिटल इंडिया और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक कड़ा कदम माना जा रहा है।

Share this

You may have missed