आत्मनिर्भरता की मिसाल: प्रशासन ने मोड़ा मुंह, तो ग्रामीणों ने खुद संभाल लिया मोर्चा; चंदा जुटाकर शिवनाथ नदी किनारे बना रहे ‘सुरक्षा दीवार’…NV News

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NV News- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: लोकतंत्र में जब सरकारी तंत्र और जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेते हैं, तो जनता को खुद ही अपना ‘भाग्य विधाता’ बनना पड़ता है। कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम बरारमुंडी के निवासियों ने। शिवनाथ नदी के किनारे बसे इस गांव को हर साल कटाव और बाढ़ के खतरे का सामना करना पड़ता है, लेकिन शासन-प्रशासन की उपेक्षा से तंग आकर अब ग्रामीणों ने खुद ही नदी किनारे सुरक्षा दीवार (पचरी) का निर्माण शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने गांव और मुख्य मार्ग को नदी के कटाव से बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन से लेकर सांसद तक कई बार गुहार लगाई। आश्वासन तो बहुत मिले, लेकिन धरातल पर पत्थर का एक टुकड़ा तक नहीं रखा गया। मानसून की आहट और गांव को डूबने से बचाने की चिंता में ग्रामीणों ने अब सरकार का इंतजार करना छोड़ दिया है। गांव के हर घर से चंदा इकट्ठा किया गया और देखते ही देखते निर्माण सामग्री जुटा ली गई।

आज बरारमुंडी गांव में उत्साह और संकल्प का संगम दिख रहा है। भीषण गर्मी की परवाह किए बिना गांव की महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा सभी मिलकर श्रमदान कर रहे हैं। कोई सीमेंट का घोल बना रहा है, तो कोई ईंट-पत्थर ढो रहा है। ग्रामीणों ने साबित कर दिया है कि यदि सामूहिक शक्ति एकजुट हो जाए, तो बड़े से बड़े संकट को टाला जा सकता है। यह ‘सुरक्षा की दीवार’ केवल सीमेंट की नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों के स्वाभिमान और एकजुटता की प्रतीक है।

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