हजारों पेड़ों की बलि देने वाले अतिक्रमणकारी खुद को बता रहे ‘प्रकृति प्रेमी’, पीढ़ियों का दिया हवाला…NV News

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NV News- गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से वन संरक्षण को लेकर एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ वनभूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने और हजारों की संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई करने वाले लोगों ने खुद को ‘प्रकृति प्रेमी’ बताते हुए अपनी कार्रवाई का बचाव किया है। अतिक्रमणकारियों का तर्क है कि वे प्रकृति से प्रेम करते हैं और संबंधित भूमि पर उनकी कई पीढ़ियों से काश्तकारी (खेती) चली आ रही है, जिसे वे अपना अधिकार मान रहे हैं।

वन विभाग की नाक के नीचे हुई इस बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई ने पर्यावरण प्रेमियों और प्रशासन को सकते में डाल दिया है। सरकारी जमीन और आरक्षित वनों पर इस तरह के कब्जे को लेकर जब अतिक्रमणकारियों से सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे अपनी आजीविका का जरिया बताया। उनके अनुसार, वे केवल उस भूमि का उपयोग कर रहे हैं जिसका उपयोग उनके पूर्वज करते आए थे। हालांकि, हजारों पेड़ों को काटने के पीछे की दलील और खुद को प्रकृति प्रेमी कहना अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस पूरे घटनाक्रम पर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई होती रही और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। वर्तमान में, विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अतिक्रमण हटाने की तैयारी की जा रही है। वन अधिकारियों का कहना है कि कानून के मुताबिक वनभूमि पर अतिक्रमण और पेड़ों की अवैध कटाई एक गंभीर अपराध है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे उनकी दलीलें जो भी हों।

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