छत्तीसगढ़ का ‘स्मार्ट’ गांव: 100 CCTV से निगरानी और नशे पर 51,000 का जुर्माना, महिलाओं ने बदली गुडेलिया की तस्वीर…NV News

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छत्तीसगढ़ के भाटापारा स्थित ग्राम पंचायत गुडेलिया ने विकास और सामाजिक सुधार की एक ऐसी इबारत लिखी है, जो आज पूरे राज्य के लिए चर्चा का विषय बन गई है। यह गांव अब न केवल एक ‘मॉडल विलेज’ के रूप में उभर रहा है, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो सामाजिक बदलाव को धरातल पर उतारना नामुमकिन नहीं है। इस पूरी कायाकल्प के पीछे की मुख्य शक्ति गांव की महिलाएं हैं, जिन्होंने मिलकर गुडेलिया की तस्वीर बदल दी है।

सुरक्षा का अभेद्य कवच: 100 CCTV कैमरे

गुडेलिया की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था है। गांव की सुरक्षा और निगरानी के लिए पूरे पंचायत में 100 से अधिक CCTV कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। इन कैमरों की मदद से हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखी जाती है, जिससे गांव में अपराध दर में भारी कमी आई है। सुरक्षा के इस स्तर को देखकर कोई भी कह सकता है कि गुडेलिया किसी आधुनिक शहर से कम नहीं है।

नशे के खिलाफ सख्त रुख, ₹51,000 का जुर्माना

गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए यहाँ की महिलाओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने एक कड़ा फैसला लिया है। समाज में नशाखोरी को जड़ से मिटाने के लिए उन्होंने जुर्माना तय किया है—यदि कोई व्यक्ति गांव में नशा करते हुए पाया जाता है, तो उसे ₹51,000 का भारी जुर्माना देना होगा। इस नियम के लागू होने के बाद से गांव का माहौल काफी बेहतर हुआ है और युवा पीढ़ी को सही दिशा मिल रही है।

महिलाओं के नेतृत्व में बदलाव

गुडेलिया की इस सफलता का श्रेय गांव की जागरूक महिलाओं को जाता है। उन्होंने न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता दिखाई, बल्कि पंचायत के निर्णयों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं के इस सशक्त नेतृत्व ने साबित कर दिया है कि जब वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होती हैं, तो विकास और सुधार की गति तेज हो जाती है।

गुडेलिया की यह सफलता कहानी अन्य गांवों के लिए एक प्रेरणा है। शासन-प्रशासन की योजनाओं के साथ जब जन-भागीदारी और महिलाओं का नेतृत्व जुड़ जाता है, तो परिणाम ऐसे ही शानदार होते हैं। अब भाटापारा का यह गांव पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ‘गौरव’ का प्रतीक बन गया है।

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